2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दमोह की हजारी तलैया में मछलियां मरने से हड़कंप

तालाब के पानी में जहर मिलाने की आरोप, पानी के उपयोग पर रोक, ठंड की वजह से पानी में ऑक्सीजन लेवल कम होना भी बताई जा रही मौत की वजह

2 min read
Google source verification

दमोह

image

Samved Jain

Dec 28, 2025

तालाब के पानी में जहर मिलाने की आरोप, पानी के उपयोग पर रोक, ठंड की वजह से पानी में ऑक्सीजन लेवल कम होना भी बताई जा रही मौत की वजह

तालाब के पानी में जहर मिलाने की आरोप, पानी के उपयोग पर रोक, ठंड की वजह से पानी में ऑक्सीजन लेवल कम होना भी बताई जा रही मौत की वजह

दमोह. शहर के फुटेरा वार्ड क्षेत्र में स्थित हजारी की तलैया में शनिवार की सुबह उस समय हड़कंप के हालात बन गए, जब तालाब में लोगों ने मछलियों को फडफ़ड़ाते हुए मरते देखा। एक-एक करके यहां सैकड़ों मछलियां मर गई। इसके बाद यहां के लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने जांच शुरू की। साथ ही पानी में जहर की आशंका को देखते हुए पानी के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।


मामले में बताया गया है कि सुबह ४ बजे मछलियों के फडफ़ड़ाने की आवाज लोगों को आई थी। जिस पर मछली का व्यापार करने वाले लोग तत्काल सक्रिय हुए और तालाब में सुबह देखा। इस दौरान देखने मिला के सैकड़ों मछलियां तालाब किनारे आकर मर गई हैं। यहां रहने वाले नीरज और दशरथ ने एक शिकायती ज्ञापन बनाया और थाने में मामले की शिकायत की। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार शिकायत मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखी और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की गई।

इस दौरान नगरपालिका और प्रशासन की टीम भी तालाब पर पहुंची, जहां पानी की स्थिति को देखा गया। प्राथमिक जांच में पानी में जहर जैसी स्थिति देखने नहीं मिली है। हालांकि, पानी के सेंपल को लेकर पीएचई जांच के लिए भेजा गया है। प्रशासनिक अमले के अनुसार दूसरा कारण ठंड के चलते पानी में ऑक्सीजन लेवल कम होना भी मछलियों की मौत का कारण हो सकता है। पानी की जांच रिपोर्ट सामने आन के बाद ही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।


इधर, पानी की जहर की आंशका को देखते हुए कलेक्टर सुधीर कोचर ने तालाब के पानी के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही आसपास के लोगों से कहा कि पानी का उपयोग किसी भी स्थिति तब तक नहीं करें, जब तक अगली सूचना नहीं दी जाए।