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शहर में कहीं बर्बाद हो रहा पीने का पानी तो कहीं पानी का अकाल

नपा अधिकारियों की अनदेखी
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दमोह

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Pushpendra Sharma

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Updated: 24 Apr 2019, 5:03 AM IST

 पानी की बर्बादी

पानी की बर्बादी

दमोह. शहर के ३९ वार्डों में कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां पीने के पानी की बर्बादी हो रही है, तो कुछ वार्डों के लोगों को गर्मी के इन दिनों में जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। मामले की खासबात यह है कि जिन वार्डों में पानी की बर्बादी हो रही है यह बर्बादी नपा के अधिकारियों की अनदेखी का नतीजा है। बर्बाद हो रहा पीने का पानी नालियों में बह रहा है। आंकलन किया जाए तो प्रतिदिन लाखों लीटर पानी नालियों से बहकर बर्बाद हो रहा है। इस तरह का आलम उस समय नजर आता है जब नपा द्वारा वार्डों में जलसप्लाई शुरु की जाती है।

यहां नालियों से बह रहा पानी


शहर के कचेरे तिराहा के आसपास नल कनेक्शन की पाइप लाइनों का जाल बिछा हुआ है। यहां अधिकांश लाइने नालियों से होकर घरों तक पहुंचती हैं। कुछ सार्वजनिक प्वाइंट भी नपा के द्वारा बनाए गए हैं जिनकी देखरेख नहीं होती है। यहां कई कनेक्शन ऐसे हैं जो खुले पड़े हैं और सप्लाई शुरु होते ही घंटों तक पानी नालियों में बहता रहता है। यही हाल शहर के फुटेरा वार्ड नंबर ०२, ०४, नया बाजार मोहल्ला, पथरिया फाटक, इंद्राकॉलोनी, पुराना थाना एरिया, असाटी वार्ड, बाजार मोहल्ला का है। यहां भी स्थिति यह है कि नालियों से होकर बिछी पाइप लाइनों से पीने का पानी बहता रहता है।


यहां पानी का अकाल


शहर के धरमपुरा वार्ड, बड़ापुरा, खजरी मोहल्ला, जबलपुरनाका एरिया, नया बाजार नंबर ०२, मुकेश कॉलोनी, तीनगुल्ली क्षेत्र, गल्ला मंडी, लोको क्षेत्र सहित अन्य ऐसे वार्ड हैं जहां पानी के लिए लोगों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। जिन वार्डों में पानी की उपलब्धता नहीं है, यहां के लोगों को पानी के लिए फिल्टर प्लांट अथवा आसपास के कुओं पर जाकर पानी ढोना पड़ रहा है। इन स्थानों के रहवासियों को अपने जरुरी कार्य छोड़कर पानी की जुगाड़ पहले करनी पड़ रही है।


फिल्टर प्लांट पर लगा रहता है तांता


शहर के फिल्टर प्लांट पर सार्वजनिक नलों के प्वाइंट बनाए गए हैं। यहां पर लोगों की भीड़ अल सुबह से लेकर देर रात तक भरपूर बनी रहती है। यहां पहुंचने वाले वह लोग रहते हैं जिनके वार्डों में पानी का संकट छाया हुआ है। फिल्टर प्लांट से बच्चे महिलाएं, युवा, वृद्ध सभी पानी के लिए मशक्कत करते नजर आ रहे हैं। यहां पहुंचने वाले कई ऐसे लोग रहते हैं जो एक से दो किलोमीटर दूर से पानी भरने के लिए पहुंचते हैं। विदित हो कि नपा के अधिकारियों द्वारा उन स्थानों का निरीक्षण कर पाइप लाइन सुधार का कार्य नहीं किया जा रहा है जहां पर पीने के पानी की बर्बादी हो रही है। नालियों में खुले प्वाइंटों को बंद कर दिया जाए तो यह पानी नालियों से बहना बंद हो सकता है।

वर्जन


मैं दिखवाता हूं और सुधार कार्य करने के लिए कहता हूं, पानी के दुरपयोग को रोकना सभी की जिम्मेदारी है, जिन स्थानों पर सार्वजनिक प्वाइंट बनाए गए हैं वहां नल बंद रखने की व्यवस्था कराई जाएगी।
कपिल खरे, सीएमओ