26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिछड़े परिवारों को मिलाने का केंद्र बना महिला परामर्श केंद्र, काउंसलर ने कराए 7 समझौते

बिछड़ों ने नए जीवन की शुरूआत की

less than 1 minute read
Google source verification
बिछड़े परिवारों को मिलाने का केंद्र बना महिला परामर्श केंद्र, काउंसलर ने कराए 7 समझौते

बिछड़े परिवारों को मिलाने का केंद्र बना महिला परामर्श केंद्र, काउंसलर ने कराए 7 समझौते

दमोह. परिवार परामर्श केंद्र में हर बार की तरह इस बार भी करीब उेढ़ दर्जन मामलों में सुनवाई की गई। जिसमें से कारीब आधा दर्जन से अधिक मामलों में समझौते कराए गए। मामले में काउंसलर डॉ. प्रेमलता नीलम ने बताया कि शनिवार को परिवार परामर्श केन्द्र में कुल १७ आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। जिसमें से 7 जोड़ों को आपसी समझौते कराते हुए खुशी-खुशी विदा किया गया। 6 परिवारों को न्यायालय जाने की सलाह दी गई। शेष अनुपस्थित रहने पर उन्हें आगामी तारीख दी गई। उन्होंने बताया कि महिला परामर्श केन्द्र का प्रयास है कि अधिक से अधिक परिवारों को एक कर उन्हें खुशी से जीवन यापन करने की सलाह दें। इसके लिए संस्कार संस्कृति शिक्षा के माध्यम से समझाइस देकर खुशहाल बनाने का भरपूर प्रयास किया जाता है। समझौते के दौरान महिला सेल प्रभारी जमनी दुबे, काउंसलर डॉ. केके ताम्रकार, पुलिस स्टॉफ से एएसआई नर्मदा कोरी, एचएम पुरूषोत्तम मिश्रा, हरवंश मिश्रा, भगवान सिंह ठाकुर, अलीम खान की विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान बिछड़े हुए एक जोड़े में पति-पत्नी ने केंद्र में ही एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए तमाम तरह के विवादों से दूर होकर साथ रहने का संकल्प लेकर बेटे को साथ लेते हुए विदा हुए। डॉ. नीलम ने बताया कि शनिवार को जो प्रकरण आए उसमें बहुत छोटी-छोटी बातों पर दंपति में विवाद था। जैसे सास-ससुर के आगे घूंघट न डालना, बिना अनुमति के मनमानी साडिय़ां पहनना, सास द्वारा काम न करने पर चिल्ला देना। इस तरह के सामान्य सी बातों को लेकर आपसी मनमुटाव होने पर दंपति सालों से बिछड़ी हुई थी। जिन्हें समझाइस देकर विदा किया गया। और जोड़ों ने दोबारा कभी भी छोटी-छोटी बातों पर विवाद नहीं करने का संकल्प लिया।