
World Disability Day: It is seen responsible for the pain of Divyang
दमोह. शहर के तहसील ग्राउंड में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा मासूम दिव्यांगों के बीच खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में दौड़ भी शामिल रही। 50 मीटर और 100 मीटर की दौड़ में जिन दिव्यांग खिलाड़ियों ने भाग लिया वह दौड़ते ही दर्द से कराह उठे।
दरअसल, दौड़ने के लिए बनाए गए ट्रैक पर बारीक गिट्टी भरपूर मात्रा में बिछी हुई थी और इसी पर से दिव्यांगों को दौड़ा दिया गया।दिव्यांगों के पैरों में जूते नहीं होने से उन्हें बगैर जूते पहने ही दौड़ में शामिल किया गया था। ट्रेक पर जैसे ही दिव्यांग खिलाड़ियों ने रफ्तार भरी तो वह दो-चार पग रखते ही गिट्टी चुभने के दर्द से वह कराह उठे। जैसे-तैसे दिव्यांग मासूम खिलाड़ियों ने रेस तो पूरी की, लेकिन रेस पूरी होते ही वह अपने पैरों के तलवों को पकड़ कर बैठ गए।
यह पूरा दर्दनाक मंजर मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधि वहां जिला प्रशासन के आला अधिकारी सहित खेल युवा कल्याण विभाग के जिम्मेदार भी देख रहे थे । जिन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के कहने पर खेल आयोजन की जिम्मेदारी ली थी। देखने में आया कि विश्व दिव्यांग दिवस की औपचारिकता पूरी करने के लिए विभाग ने कार्यक्रम का आयोजन किया। पूर्व तैयारी नहीं होने का नतीजा यह रहा कि जिस मैदान पर खेलकूद का आयोजन किया गया वहां सफाई नहीं की गई। जिसका खामयाजा दर्द के रूप में मासूम दिव्यांगों को सहना पड़ा।
विदित हो कि मैदान में बारीक गिट्टी हाल ही के बीते अगस्त माह में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस परेड के लिए बिछाई गई थी। उस समय बारिश की वजह से मैदान में कीचड़ सराबोर था और यह कीचड़ पुलिस परेड में परेशानी का कारण न बन पाए इसके चलते भारी मात्रा में बारीक गिट्टी मैदान में बिछाई गई थी। इसी गिट्टी पर दिव्यांगों के दौड़ने का ट्रेक बनाया गया जिसकी वजह से मैदान में बिछी बारीक गिट्टी दिव्यांगों के पैरों के तलवों में चुभती देखी गई।
Published on:
03 Dec 2017 02:05 pm
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