
दंतेवाडा. माओवाद की उप राजधानी में सरकार सड़क निर्माण के जरिए विकास लाना चाह रही है। माओवादियों की खिसकती जमीन उनके लिए बौखलाहट का सबब बन चुकी है। सोमवार की सुबह करीब आठ बजे माओवादियों ने इस सड़क को धमाकों से दहला दिया। जोड़ा नाला व कमल पोस्ट कैंप के बीच एक के बाद एक सात धमाके किए गए। इन धमाकों से फोर्स को बड़ी क्षति नहीं हुई।
डाक्टरों के मुताबिक
सीआरपीएफ 231 बटालियन के इंस्पेक्टर एएमआई अयप्पन व हेड कांस्टेबल रजनीश कुमार तिवारी घायल हुए हैं। आनन-फानन में दोनों जवानों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उनका उपचार जारी है। डाक्टरों के मुताबिक रजनीश तिवारी का कान का पर्दा फटा है। इंस्पेक्टर अयप्पन के हाथ व कान के पास चोट आई है। दोनों जवान खतरे के बाहर हैं। विस्फोट की सूचना पर पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मौका मुआयना किया। जवानों की हौसला अफजाई की।
धमाकों के बाद पहाड़ी से बरसाई गोलियां
माओवादियों ने किस्टारम की घटना को दोहराने के लिए बडी प्लानिंग की थी। एक के बाद एक विस्फोट किए गए। जवानों पर गोलियां बरसाई गई। जवानों ने मोर्चा खोल दिया। कई राउंड फायरिंग की गई। माओवादियों को जब यह लगा कि जवान उन पर भारी पड़ रहे हैं तो माओवादी मैदान छोडकर जंगल की ओर भाग खड़े हुए। अस्पताल में भर्ती घायल जवानों के मुताबिक माओवादियों ने पूरी सर्चिंग टूकड़ी को घेर लिया था। सडक पर विस्फोट के बाद पहाड़ी से गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। जवानों ने सतर्कता से उनके एंबुश से खुद को बचाया व जवाबी कार्रवाई की। कमल पोस्ट कैंप से करीब 50 जवान सर्चिंग पर निकले थे।
एक शहीद डेढ दर्जन घायल, डेढ़ सौ आईईडी अब तक बरामद
18 किमी की यह सड़क माओवाद की उपराजधानी को चिरते हुए देश की सबसे बड़ी इमली मंडी जगरगुंडा तक पहुंचती है। पिछले चार साल से सड़क निर्माण जारी है। महज तीन से चार किमी सड़क पर डामरीकरण का काम बचा हुआ है। इस सड़क के निर्माण में सरकार को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। चार सालों में यह सड़क जवानों के खून से लाल हो चुकी है। सड़क निर्माण के दौरान दर्जनों बार विस्फोट हुए। इन विस्फोटों की जद में एक जवान शहीद, डेढ़ दर्जन से अधिक घायल व डेढ़ सौ अधिक आईईडी बरामद की गई। फोर्स की तगड़ी सर्चिंग के बाद भी माओवादी नुकसान पहुंचाने के लिए हर जतन कर रहे हैं।
Published on:
27 Mar 2018 09:32 am
बड़ी खबरें
View Allदंतेवाड़ा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
