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छग सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी,कौशल्या मातृत्व योजना से हो रहा ग्रामीणों को लाभ

CG Dantewada News : छग सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी योजनाओं में से एक कौशल्या मातृत्व योजना ऐसे ही माताओं को समर्पित हैं।

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छग सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी,कौशल्या मातृत्व योजना से हो रहा ग्रामीणों को लाभ

छग सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी,कौशल्या मातृत्व योजना से हो रहा ग्रामीणों को लाभ

CG Dantewada News : नि:संदेह मातृत्व महिलाओं के लिए कठिन दायित्व में से एक है एक नई जिंदगी को लाने के पश्चात उसके पालने और संभालने में हर दिन चुनौतियों का सामना प्रत्येक मां करती है। इस क्रम में छग सरकार की महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी योजनाओं में से एक कौशल्या मातृत्व योजना ऐसे ही माताओं को समर्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशानुरूप इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दूसरी बार बेटी को जन्म देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान करके आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

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माताओ को मिल रही 5000 तक की धनराशि

इसके अन्तर्गत दूसरी बार बेटी को जन्म देने वाली महिलाओं को 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। ताकि महिलाएं अपने नवजात बालिका शिशु का अच्छे भरण-पोषण देखभाल कर स्वयं आत्मनिर्भर बनें। विशेष तौर पर बेटियों को जन्म देने वाली माताओं को प्रोत्साहित करना भी इस योजना के उद्देश्यों में समाहित हैं।

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आर्थिक रूप से कर रही मदद

उल्लेखनीय है कि इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा 1 मार्च 2021 को किया गया था। इस योजना के तहत दूसरी बार बेटी को जन्म देने वाली माताओं को 5000 की प्रोत्साहन राशि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा दी जा रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य में बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं की जीविका में सुधार आने के साथ-साथ ही वित्तीय रूप से कमजोर वर्ग के परिवार के लिए यह योजना बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुई है। जिले में भी ग्राम फुलपाड़ की पटेलपारा निवासी लक्ष्मी पति भामन एवं जूनापारा की श्रीमती भीमे पति भीमा भी इस योजना से लाभान्वित हितग्राहियों मे से एक हैं जिन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा लाभ दिलवाया गया।

इस प्रकार योजना के लक्ष्यों से जाहिर हो जाता है कि इसका उद्देश्य निर्धन वर्ग के महिलाओं की जीविका में सुधार लाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव एवं समाज में बेटियों को बोझ समझने जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को रोकने में भी यह योजना सहायक होगी।