
छू लो आसमान (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: दंतेवाड़ा जिले में संचालित छू लो आसमान आवासीय संस्था बालूद इन दिनों विवादों के केंद्र में आ गई है। कभी अपने उत्कृष्ट परिणामों और अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली यह संस्था अब लगातार सवालों के घेरे में है। हाल ही में परीक्षा परिणामों में पहली बार तीन छात्रों के पूरक (सप्लीमेंट्री) आने से चर्चा शुरू हुई, जो अब संस्था की आंतरिक व्यवस्थाओं और संचालन तक पहुंच गई है।
संस्था में अधीक्षक के रूप में पदस्थ शिक्षक राजा पॉल पिछले करीब 15 वर्षों से कार्यरत हैं और इस दौरान उनका प्रभाव लगातार बना रहा है। कई जिला अधिकारियों के बदलने के बावजूद उनकी कार्यशैली और कार्यकाल पर कोई असर नहीं पड़ा। सूत्रों के अनुसार, समय-समय पर उनके खिलाफ शिकायतें भी हुईं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि ऊंची पहुंच के चलते उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।
इसके अलावा, संस्था में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध होने के बावजूद बच्चों के पास मोबाइल मिलने की बात सामने आई है। भोजन व्यवस्था को लेकर भी असंतोष जताया जा रहा है। आरोप है कि निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। वहीं बीमार होने पर समय पर उपचार नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
संस्था में व्याप्त कमियों का असर अब समग्र प्रदर्शन पर दिखाई देने लगा है। जिस संस्था को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का माध्यम माना जाता था, उसकी वर्तमान स्थिति अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता का कारण बन गई है। इस संबंध में जानकारी लेने जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
अब संस्था के शैक्षणिक स्तर में गिरावट भी सामने आने लगी है। ‘‘छू लो आसमान’’ जैसी संस्था, जो कभी बेहतर परिणामों के लिए जानी जाती थी, वहां इस बार तीन छात्रों का (CG News) पूरक आना इसकी साख पर असर डाल रहा है। अभिभावकों और जानकारों का मानना है कि यदि अनुशासन और पढ़ाई का माहौल बेहतर होता, तो ऐसे परिणाम नहीं आते।
संस्था की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। नियमों के अनुसार अधीक्षक का रात में संस्था में रहना अनिवार्य है, लेकिन आरोप है कि वे अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे बच्चों की निगरानी प्रभावित होती है। इसके चलते कई बच्चे रात में बाहर घूमते देखे गए हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।
तुलिका कर्मा, महिला कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव के मुताबिक, छू लो आसमान संस्था में चल रही मनमानी की शिकायत पहले भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एक ही अधीक्षक का 15 वर्षों तक जमे रहना कई संदेह पैदा करता है । छात्र आत्महत्या मामले में भी जांच हुई, लेकिन रिपोर्ट दबाकर अधीक्षक को बचाने के आरोप लग रहे हैं।
Published on:
04 May 2026 03:13 pm
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