CG News : श्राद्ध पक्ष पर कौआ को निवाला खिलाने की प्रथा रही है। इधर कौवों की संख्या भी साल दर साल कम होती चली जा रही है।
किरंदुल। CG News : श्राद्ध पक्ष पर कौआ को निवाला खिलाने की प्रथा रही है। इधर कौवों की संख्या भी साल दर साल कम होती चली जा रही है। ऐसे में यदि कोई कौवा पूरे साल भर आपकी मुंडेर पर बैठकर आपके हाथ से निवाला खाए ऐसी बात पर सहसा यकीन करना मुश्किल है। पर किरंदुल की निवासी ऊषा साहू के लिए यह साधारण बात है। श्राद्ध पक्ष पर जब कौओं की पूछपरख हो रही है तब यह बात निराली है।
अब 7 कौवे एक साथ आते हैं
एक कौवा नौ साल से लगातार उनके मुंडेर पर आता है। कांव- कांव का शोर करता है। इसके बाद ऊषा उसे अपने हाथ से निवाला परोसती है, उसे खाकर वह वहां से उड़ जाता है। इतने लंबे समय से एक दिन भी ऐसा नहीं हुआ कि जब वह कौवा उनके मुंडेर पर नहीं आया है।
ऊषा व इस कौवे की दोस्ती को लेकर लोग पक्षी व मानव की दोस्ती की मिसाल देते हैं। एनएमडीसी परियोजना क्षेत्र के डबल स्टोरी में रहने वाली इशिता ब्यूटी पार्लर की संचालक ऊषा साहू ने बताया कि यह कौवा हर रोज उनके घर पहुंच जाता है और बड़े आराम से उनके हाथों से खाना खाता है।
जब से श्राद्ध पक्ष शुरू हुए है तब से उसके साथ 7 और कौआ आते हैं और भोजन करके चले जाते है। आस पड़ोस के लोग ऊषा से मजाक करते हुए कहते है कि पहले कौआ अकेले खाना खाने आता था अब अपने पूरे परिवार को साथ ले कर आने लगा है। इतना ही नहीं यह कौवा उषा साहू के यहां ही खाता है दूसरे लोग अपने घर के बाहर भोजन रखने से नही खाता वो अच्छे से ऊषा को पहचानता है।
इस वर्ष श्रद्धा पक्ष 29 सितंबर से प्रारंभ हुए है जो 14 अक्टूबर को समाप्त होने। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराने का विशेष महत्व है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौवा यम के प्रतीक के रूप में जाने जाते है इस दौरान कौवे का होना पितरों के आस पास होने का संकेत माना जाता है। मान्यता है कि पितृपक्ष में पूरे 15 दिन कौवे को भोजन करना चाहिए।हिन्दू धर्म मे मान्यता यहां है कि श्राद्ध पक्ष में कौआ यदि आपके हाथों दिया गया भोजन ग्रहण कर ले तो ऐसा माना जाता है कि पित्रो की कृपा आपके ऊपर है।