
प्रतीकात्मक तस्वीर
Bihar Teacher: शारदीय नवरात्रि का महापर्व शुरू हो चुका है, हर तरफ खुशियों का माहौल है, लेकिन बिहार के दरभंगा जिले के कई शिक्षक वेतन संकट से जूझ रहे हैं। खासकर वे शिक्षक, जो हाल ही में एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड या एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर होकर आए हैं। महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है।
शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने शिक्षा कार्यालय और ई-शिक्षा कोश पर वेतन भुगतान के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (बीएसटीए) गोप गुट के जिला अध्यक्ष प्रमोद मंडल और प्रवक्ता धनंजय झा का आरोप है कि निदेशालय से आए आदेश यहां के अधिकारियों के लिए सिर्फ कागज भर हैं। नतीजा यह है कि दशहरा और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के समय भी शिक्षकों को वेतन मिलेगा या नहीं, यह संशय बना हुआ है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि जब शिक्षक प्रखंड कार्यालय या स्थापना शाखा जाते हैं तो उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता है। कई मामलों में अधिकारियों द्वारा फटकार लगाकर भगा भी दिया जाता है। झा ने कहा, “जब शिक्षक परेशान होकर प्रखंड शिक्षा अधिकारी के पास जाते हैं, तो उन्हें केवल विपत्र जमा करने की सांत्वना दी जाती है। समस्या जस की तस बनी रहती है।”
वेतन न मिलने से शिक्षकों का जीवन-यापन संकट में है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, बीमार परिजनों की दवाई और ईएमआई भरना अब शिक्षकों के लिए भारी पड़ रहा है। कुछ शिक्षक तो कर्ज लेकर गुजारा कर रहे हैं, वहीं कई अपने परिचितों से उधार लेकर घर का खर्च चला रहे हैं।
बीएसटीए गोप गुट के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि विभाग को शिक्षकों के मुद्दों पर संवेदनशील होना होगा। झा ने चेतावनी दी, “अगर जल्द ही वेतन भुगतान की ठोस और स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो शिक्षक संघर्ष के लिए बाध्य होंगे।”
इस पूरे मामले पर दरभंगा के डीईओ केएन सदा ने कहा कि विभाग वेतन भुगतान को लेकर गंभीर है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग कि टीम लगातार दिन-रात काम कर रही है। सभी मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही शिक्षकों को राहत मिलेगी।
Updated on:
23 Sept 2025 05:01 pm
Published on:
23 Sept 2025 04:39 pm
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