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अस्पताल में नहीं आ रहे अनुबंधित चिकित्सक, दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा अस्पताल

इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो सैकड़ा गांवों सहित कस्बे के लोग पहुंचते हैं इलाज कराने  

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अस्पताल में नहीं आ रहे अनुबंधित चिकित्सक, दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा अस्पताल

अस्पताल में नहीं आ रहे अनुबंधित चिकित्सक, दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा अस्पताल

अस्पताल में नहीं आ रहे अनुबंधित चिकित्सक, दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा अस्पताल
इंदरगढ़। जिले के बीचों बीच स्थित इंदरगढ़ का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का अभाव है। अस्पताल में डॉक्टर न होने से मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों अस्पताल की व्यवस्थाएं दां डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रही हैं। जबकि इंदरगढ़ सामु्रदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए आसपास के दो सौ गांवों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन करीब मरीज उपचार के लिए आते हैं। लोगों का उपचार के लिए शासन ने यहां पांच डॉक्टरों से बॉण्ड भरवाया है लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी एक भी डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा।

शासन - प्रशासन ने इंदरगढ़ अस्पताल में निर्माण कार्य करा कर इसे विशाल रूप तो दे दिया है लेकिन मरीजों का उपचार करने के लिए डॉक्टर नहीं हैं। डॉक्टर न होने से अस्पताल की व्यवस्थाएं खुद बीमार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने की बजह से क्षेत्र के लोगों को या तो निजी क्लीनिकों पर इलाज कराना पड़ता है अथवा मरीजों के परिजन उन्हें उपचार के लिए दतिया, झांसी या ग्वालियर ले जाते हैं। अस्पताल में स्वीकृत पदों के हिसाब से डॉक्टर पदस्थ करने में अधिकारी कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि अस्पताल में स्टाफ नर्स, वार्ड वॉय आदि के पद भरे हुए हैं। समस्या है तो सिर्फ डॉक्टर न होने की है।

दो सैकड़ा आते हैं गांव

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ के अंतर्गत करीब दो सैकड़ा गांव के लोग उपचार के लिए आते हैं। क्योंकि आसपास २० किलोमीटर तक कोई अस्पताल नहीं है। इसलिए आसपास के गांवों के लोग उपचार के लिए इंदरगढ़ आते हैं।

रैफर होते हैं ूमरीज

अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने की बजह से यहां सिर्फ जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों का ही उपचार हो पा रहा है। अगर मरीज की तकलीफ बढ़ी हो तो डॉक्टर उपचार करने की बजाय उसे रैफर कर देते हैं। कई बार तो मरीज समय से दूसरे शहर के अस्पताल में पहुंचने से पहले दम तोड़ देता है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

एक डॉक्टर के भरोसे ओपीडी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस समय ओपीडी एक ही डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रही है। पत्रिका प्रतिनिधि जब मौके पर पहुंचा तो मरीजों की लाइन लगी हुई थी और सिर्फ एक डॉक्टर द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जा रहा था।

नहीं आते हैं अनुबंधित चिकित्सक

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल के लिए पांच डॉक्टरों को अनुबंधित किया है लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी अनुबंधित चिकित्सक अस्पताल में अपनी सेवाएं अपनी सेवाएं देने नहीं आ रहे हैं। इस कारण मरीजों को अस्पताल में समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

पसरा रहता है सन्नाटा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम को रात्रि में अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहता है। अगर कोई मरीज या दुर्घटना का शिकार व्यक्ति अस्पताल में आ जाए तो उसे तत्काल स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। उपचार के लिए डॉक्टर व स्टाफ को बुलाना पड़ता है।

डॉक्टरों का अभाव है

अस्पताल में स्वीकृत पदों के हिसाब से डॉक्टर नहीं है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में जानकारी है। अनुबंधित चिकित्सक अस्पताल में नहीं आ रहे हैं उनकी अनुपस्थिति दर्ज की जा रही है

डॉ अरुण शर्मा ब्लॉक मेडिकल ऑफीसर

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