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प्रभारी मंत्री के नाम पर ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का खेल

प्रतिबंध के बावजूद, कर दिए, आधा सैकड़ा से ज्यादा सचिवों के तबादले  

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प्रभारी मंत्री के नाम पर ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का खेल

प्रभारी मंत्री के नाम पर ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का खेल

प्रभारी मंत्री के नाम पर ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों का खेल
दतिया। ग्रामीण विकास विभाग ने नियम कायदों को ताक पर रखकर तमाम ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले कर दिए।जबकि तबादलों पर अभी रोक लगी है। तबादलों के इस खेल में प्रभारी मंत्री के अनुमोदन का हवाला दिया गया ।जबकि प्रभारी मंत्री भी इन दिनों तबादले नहीं कर सकते न ही उन्होंने अनुमोदन किया।ग्रामीण विकास विभाग में सचिवों के तबादलों का खेल पिछले कई महीनों से चल रहा है। जब से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए हैं तब से कभी सरपंच और सचिवों में आपसी तालमेल का अभाव तो कभी अधिकारियों के पसंद का सचिव न होना मुख्य कारण बना है। प्रतिबंध होने के बाद जिला स्तर तो छोडि़ए प्रदेश स्तर का कोई अधिकारी तबादला नहीं कर सकता। जबकि यहां कुछ अलग ही चल रहा है ।

अक्टूबर में खुला था तबादलों परसे बैनबताया गया है कि पिछले साल 5 अक्टूबर से पूर्व प्रदेश में तबादलों पर से कुछ दिनों के लिए प्रतिबंध हटा था ।उस वक्त तो तबादले तो थोक बंद हुए ही। तब से अब तक आधा सैकड़ा से ज्यादा ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले कर दिए गए। हैरानी की बात है कि कुछ तबादले ऐसे हैं जिनमें प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदन करने की बात सामने आई है।लेकिन जब प्रभारी मंत्री से बात की गई तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि एकाध को छोड़ दें तो मैंने कोई अनुमोदन नहीं किया ।इससे साफ जाहिर हो रहा है कि जिला पंचायत के अधिकारी ही मंत्रियों के नाम पर तबादले कर रहे हैं।

इन पंचायतों में किया सचिवों को इधर से उधरप्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों सत्येंद्र जाट महरौली ग्राम पंचायत सचिव को चकबे ना पंचायत भेज दिया गया। जबकि यहां के सचिव को जनपद पंचायत में अटैच कर दिया। वही भांडेर जनपद के संजय दुबे को सोहन पंचायत से उठाकर बहादुरपुर तबादला कर दिया। हरनारायण पाल को ररुआ जीवन से जनपद पंचायत सेंवढ़ा में अटैच किया ।उनके स्थान पर जीआरएस महेंद्र सिंह धाकड़ को सचिव का प्रभार दे दिया ।दिलावर सिंह को रामनेर से सोहन । महेश जाटव को जनपद में अटैच किया। रमेश चंद राजपूत को ठकुरपुरा से लखनपुर, दीपचंद साहू को लखनपुर से ठकुरपुरा, राजेन्द्र श्रीवास्तव को अकोला से चिरौली , रामस्वरूप पाल को तैड़ोत से भांडेर जनपद में अटैच कर दिया। उत्तम यादव को लहारहवेली से स्योरा, कल्लू यादव को रामनरेश शर्मा को रुहेरा से अतरेटा, रवि सक्सेना को दतिया जनपद में अटैच थे उन्हें उचाड़ भेज दिया ।वहीं नरेंद्र दीक्षित को रा खरा पंचायत से दतिया जनपद की दुर्गापुर पंचायत भेज दिया। जितेन्द्र सिंह परमार को दुर्गापुर से निचरौली । इनमें से अधिकांश को कथित रूप से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से तबादला किया गया है। ये तो चंद उदाहरण हैं बाकी पिछले 4 महीनों में तमाम अन्य सचिवों को इधर से उधर कर दिया ।

कर सकते केवल मुख्यमंत्रीजानकारों के मुताबिक तबादलों का बैन खुलने पर ही तबादले किए सकते हैं। जरूरी होने पर केवल मुख्यमंत्री ही किसी कर्मचारी का तबादला कर सकते हैं।

सीधी बात- सुरेश धाकड़ (राठ खेड़ा)प्रभारी मंत्री, जिला दतिया

सवाल-जिले में आपके अनुमोदन पर कई पंचायत सचिवों के तबादले किए गए ?जबाव-1-2 को छोड़ दें तो मैंने किसी का किसी सचिव के तबादले के लिए अनुमोदन नहीं किया।

सवाल- विभाग के अधिकारी तो आपका नाम ले रहे हैं?जबाव- मैं केंद्रीय मंत्री ज्योतिराज सिंधिया का ईमानदार सिपाही हूं। उनकी व अपनी छवि खराब नहीं करूंगा।

सवाल- फिर यह कैसे हो गए?प्रतिबंध होने के बाद भी अगर तबादले हुए हैं तो मैं दिखवाता हूं।

...पिछले महीनों में कई सचिवों के तबादले दूसरी पंचायतों में किए हैं लेकिन इसके लिए प्रभारी मंत्री जी का अनुमोदन लिया गया।

कमलेश कुमार भार्गव, सीईओ, जिला पंचायत