बुंदेलखण्ड कायस्थ महासभा ने किया साहित्यकारों व वृद्धजनों का सम्मान
मुंशी प्रेमचंद की कहानियां जीवन में प्रकाश डालने का काम करती है
दतिया। मुंशी प्रेमचंद की कहानियां और उपन्यास हमारे जीवन में प्रकाश डालने का काम करती है। उक्त विचार पूर्व ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय चौधरी ने बुंदेलखण्ड कायस्थ महासभा द्वारा मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में उनाव बालाजी स्थित राधिका पैलेस में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसी कहानियां पढऩी चाहिए जो हमारे भविष्य को उज्जवल करती है। नई पीढ़ी को महापुरूष की जीवनी और कहानियों से एक नई दिशा मिलती है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. रामकुमार श्रीवास्तव, एसडीओपी भाण्डेर कर्णिक श्रीवास्तव उपस्थित रहे। अध्यक्षता बुंदेलखण्ड कायस्थ महासभा के उनाव मंडल अध्यक्ष रामबाबू श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं मुंशी प्रेमचंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर अतिथियों के द्वारा छोटेलाल श्रीवास्तव, बाबूलाल श्रीवास्तव, रामकुमार श्रीवास्तव, लक्ष्मीनारायण खरे, रघुवीरशरण श्रीवास्तव, रवीश सक्सेना का समाजसेवा एवं साहित्यकार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, अनंत श्रीवास्तव, प्रज्ञा श्रीवास्तव को साहित्य की दिशा में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन रजनीश श्रीवास्तव ने एवं आभार सौरभ कुमार खरे ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक शैलेन्द्र खरे, राजीव श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, कैलाश श्रीवास्तव, अमित, संदीप, दिनेश श्रीवास्तव, राकेश, रिंकू, संतोष, प्रमोद, यश, सतेन्द्र खरे, नीरज, महेन्द्र, बृजेन्द्र, अनिल, विनीत आदि उपस्थित रहे।