मौसी की शादी में शामिल होने जा रहे थे कौरव व ईशू , दोनों की गई जान
यह कैसी मनहूस शादी थी मेरी, बहन का घर उजड़ गया
ह्यूमन एंगल
दतिया। पूजा की शादी तो काफी पहले तय हो गई थी। मंगल- बुधवार की रात परिजन व रिश्तेदार शादी में शामिल होने जतारा के लिए रवाना हुए। उन्हें क्या पता था कि शादी में पहुंच नहीं पाएंगे। पूजा को इस बात का बेहद पछतावा है कि उसकी शादी तय न होती तो बहन संगीता का परिवार उजड़ने से बच जाता।
दरअसल हादसे में पूजा की बड़ी बहन व जीजा भारत और उनके बेटे कौरव और यीशु शादी में शरीक होने जा रहे थे। हादसे में ईशू व कौरव की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूजा विलखते हुए कह रही थी कि काश मेरी शादी ही न होती तो कम से कम मेरी बहन के दोनों बेटे तो बचे रहते। उसने सारा आरोप अपने ऊपर मढ़ते हुए बताया कि न केवल उसका फुफेरा भाई नीरज शांत हो गया बल्कि उसकी दादी भी शादी की भेंट चढ़ गई। सबसे ज्यादा गम उसको अपनी बहन के बेटों की मौत का है । बहने के दो ही बैठे थे दोनों ही छोड़कर चले गए। अब उससे मौसी कौन कहेगा । उसने बताया कि बच्चे घर से तो उमंग से भरे हुए गए थे उधर नाले में से उनके शव निकाले गए। हादसे के बाद पूजा आपा खो बैठी। बड़ी मुश्किल से परिजनों ने उनको संभाला जैसे तैसे जिला चिकित्सालय इलाज के लिए लाए ।
सब कुछ बर्बाद हो गया
दुल्हन बनने जा रही पूजा के पिता मोहन खटीक के भी आंसू नहीं रुक रहे थे। उनका कहना है कि कैसी शादी तय हुई इसमें शादी नहीं हो पाई और उसने अपने साली के बच्चों को खो दिया।
मां की भी जान चली गई
निर्माण करने वाले दोषी इधर हादसे में घायल हुए नीरज ने बताया कि इस हादसे के पीछे कहीं न कहीं पुल निर्माण करने वालों की जिम्मेदारी है अगर वक्त पर पुल बन जाता और चालू हो जाता तो संभवत यह हादसा नहीं होता।