गीजगढ़. विद्यालयों से दूध पाउडर चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। उपखंड क्षेत्र सिकराय के गढोरा पंचायत के जोध्या,कालाखो अंबाड़ी के कालाखो ,फर्राशपुरा पंचायत के गेरोजी के विद्यालयों से दूध पाउडर के कर्टन चोरी कर बालको के हक पर डाका डाल चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस को अभी तक चोरों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
सिकंदरा थानांतर्गत कालाखो-अंबाड़ी ग्राम पंचायत के कालाखो गांव की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से शुक्रवार रात को चोर पोषाहार कक्ष की कुन्दी को काटकर कक्ष में रखे दूध पाउडर के 13 कर्टन चोरी कर ले गए। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। प्रधानाचार्य रामसिंह बैरवा ने बताया शुक्रवार दोपहर को विद्यालय की छुट्टी कर ताला बंद कर घर गए थे।
शनिवार सुबह पोषाहार पकाने वाली महिला पहुंची तो विद्यालय पोषाहार कमरे का कुंदा कटा हुआ मिलने व दरवाजा आधा खुला मिला तथा बाल गोपाल दुग्ध योजना के दूध के 13 कर्टन गायब मिले। सूचना पर लांका पुलिस चौकी ने मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली। प्रधानाचार्य रामसिंह बैरवा द्वारा अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
4 किलोमीटर क्षेत्र में 15 दिन में तीसरी चोरी- आतरी क्षेत्र में विगत 20 सितंबर की रात्रि को कालाखो से 3 किमी दूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय गेरोजी गांव के विद्यालय से भी 38 किलो दूध के पैकेट चोरी हो गए थे कि 4 दिन बाद ही 24सितम्बर रविवार को रात को जोध्या विद्यालय कक्ष का कमरे की कुन्दी को काटकर 213 किग्रा व इसके 13 दिन बाद कालाखो विद्यालय से दूध पाउडर चोरी कर ले गए।अन्य मंहगे सामानों की नहीं की चोरी- पोषाहार कक्ष में दूध पाउडरों के अलावा गैस सिलेंडर, गैस चूल्हे, गेहूं के कट्टे सहित विद्यालय के आधा दर्जन लोहे के बक्से रखे थे लेकिन चोरों ने दूध पाउडर पैकेटों के अलावा अन्य सामान पार नहीं किया ।
विद्यालय प्रशासन की सूझबूझ से बचे अन्य दूध पैकेट- पोषाहार प्रभारी संतोष सैनी ने बताया कि विद्यालय के आसपास क्षेत्र में दूध पाउडर चोरी की घटनाओं को लेकर विद्यालय प्रशासन ने दूध पाउडर पैकेटों को एक कक्ष में नही रखकर अलग अलग कक्षा कक्ष में अलग स्थानों पर रखने से बालकों के हक के सभी पैकेट चोरी होने से बच गए ।रात्रि गश्त की मांग-ग्रामीणों ने बताया कि उनके पंचायत मुख्यालय व गांव से लांका चौकी करीब 10 किलोमीटर दूर होने से चोरी सहित अन्य घटनाओं की आशंका बनी रहती है जिसको लेकर लोगों ने रात्रि को गश्त की मांग की है।