गौरतलब है कि लालसोट क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पैदा होने वाली मूंगफली अपनी मिठास व तेलिय मात्रा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है और विदेशों तक भी निर्यात होता रहा है। मंडी में जब मूंगफली का सीजन पीक पर रहने के दौरान 20 हजार से अधिक बोरी की आवक बनी रहती है। हर वर्ष सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह से ही मंडी में मूंगफली की आवक शुरू हो जाती थी, जो कि तीन माह तक बनी रहती थी। इस बार सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में आवक तो शुरू हो गई, लेकिन बारिश नहीं होने व बाद में लट के प्रकोप के चलते अक्टूबर माह पूरा होने से पहले ही सीजन ने दम भी तोड़ दिया।
हर वर्ष पूरे दो माह तक मंडी में 10 से 15 हजार बोरी की नियमित आवक बनी रहती थी, इस दौरान यह आवक 20 हजार का आकड़ा भी छू लेती थी, लेकिन इस बार पूरे दो माह का यह सीजन 20 दिनों में ही निपट गया है। मंडी में फिलहाल मात्र 2 से 3 हजार बोरी की आवक बनी है और मंडी में चहल पहल भी थोड़ी कम ही नजर आ रही है।