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राज्य में 4127 चिकित्सा संस्थान होंगे वेलनैस केन्द्र के रूप में विकसित

4127 medical institutes to be developed in the state as wellness centers... -जिले में 87 केन्द्रों का किया गया है चयन- बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराए जाने की कवायद

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दौसा

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pramod awasthi

Jan 05, 2020

राज्य में 4127 चिकित्सा संस्थान होंगे वेलनैस केन्द्र के रूप में विकसित

बांदीकुई उपखण्ड क्षेत्र के मुही में संचालित स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र(वैलनेस केन्द्र)। जिसका करीब एक साल पहले चयन किया गया था।


बांदीकुई. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य में करीब 4127 स्वास्थ्य संस्थानों को वेलनैस केन्द्र (स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 1787 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 30 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 2310 उप स्वास्वाथ्य केन्द्रों को वैलनैस केन्द्र के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा बेहतर हो सकेगी। इसी कड़ी में दौसा जिले में 43 उपस्वास्थ्य केन्द्र व 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को वेलनैस केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसे में अब कुल जिले में 89 वेलनैस केन्द्र हो गए हैं।

वैसे दो केन्द्र तो पहले से ही जिले में संचालित हैं। ये केन्द्र सर्वसुविधायुक्त बनाए जाएंगे। प्रत्येक केन्द्र पर एक कम्प्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर भी लगाया जाएगा। इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की दीवारों पर ब्राण्डिंग डिजायन के साथ रंग-रोगन किया जाएगा। इसके अलावा डिस्पले बोर्ड एवं सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन स्वास्थ्य कल्याण केन्द्रों को ऑनलाइन किए जाने के लिए टेबलेट, कम्प्यूटर एवं इंटरनेट क्नेटीविटी की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र में परिवर्तित उपस्वास्थ्य केन्द्रों को अतिरिक्त अनटाइंड फण्ड मिलेगा। जिसे सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
ये होंगे आयोजन
सामुदायिक भागीदारी के लिए सास-बहू सम्मेलन, महिला मण्डल, युवा मण्डल एवं दम्पती दल की बैठकें आयोजित की जाएगी। शहरी स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र पर योगा शिक्षक के जरिए नियमित योग-प्राणायाम भी कराया जाएगा। इसके अलावा बगीचे विकसित करने के साथ ही मरीजों को बैठने के लिए कुॢसयां लगाई जांएगी। स्वाास्थ्य कल्याण केन्द्र पर वॉल पेंटिंग, फ्लैक्सी शीट एवं पोस्टर/ बैनर भी लगाए जाएगे। इस योजना के तहत स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर मरीजों को राहत दी जाएगी। जैविक अवशिष्ट निस्तारण की भी व्यवस्था की जाएगी।
इन पीचसी का किया चयन
जिले के 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर वैलनेस केन्द्र विकसित किए जाएंगे। इसमें बांदीकुई के अरनिया, आभानेरी, बडियाल कलां, बिवाई, गोलाड़ा, गुढ़ाकटला, गुढ़लिया, लोटवाड़ा, प्रतापपुरा, पूंदरपाड़ा शामिल हैं। वहीं जिला मुख्यालय के आलूदा, बापी, छारेड़ा, खानवास, खारंडी, खवारावजी, नांगल बैरसी, नांगल राजावतान, तितरवाड़ा, बगडी, दौलतपुरा, डिडवाना, गोल, कल्लावास, राहुवास, शिवसिंहपुरा, श्यामपुरा, सोनड़, बालाहेड़ी, खेड़ला बुजुर्ग, खोहर्रा मुल्ला, कोट, पावटा, रसीदपुर, सांथा, तालचिड़ी, बहरावण्डा, भण्डारी, दुब्बी, गढ़, मानपुर, नांदरी, ठिकरिया, टोरड़ा का चयन किया गया है।
ये उपस्वास्थ्य केन्द्र होंगे परिवर्तित
बांदीकुई उपखण्ड क्षेत्र के उपस्वास्थ्य केन्द्र गादरवाड़ा गूजरान,गुढ़ाआशिकपुरा, कौलाना, कोलवा, महुखुर्द, पंडितपुरा, पीचूपाड़ा कलां, पीचूपाडा़ खुर्द, दौसा के बनियाना, डूंगरवाड़ा, जौपाड़ा, खानपुरा, ठिकरिया, लालसोट में अलीपुरा, अनुपपुरा, बिच्छा, डोलवास, इंदावा, जगनेर, कालूवास, करणपुरा, सवांसा, श्रीरामपुरा, महुवा में गाजीपुर, हल्दैना, हुडला, केसरा,नौरंगवाड़ा, औंड मीणा, पाखर रींदली, सालमपुर, विशाला का चयन किया गया है। वहीं सिकराय में चांदेरा, दिवाकर, गढी, गनीपुर, गैरोटा, हिंगवा, कालवान, लंाका, नामनेर, पिलवा कलां का चयन किया गया है।
वर्ष 2018 में दो केन्द्र हुए थे विकसित
वर्ष 2018 में राज्य में 225 स्वास्थ्य केन्द्रों को वैलनैस केन्द्र(स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र) के रूप में परिवर्तित किया गया था। इसमें 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 100 उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं 25 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को शामिल किया गया था। इसमें दौसा जिले में बांदीकुई के मुही उपस्वास्थ्य केन्द्र व दौसा के मानपुरिया केन्द्र का चयन किया गया था।
बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का प्रयास
उप स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र में परिवर्तित करने व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भी सेंटर विकसित किए जाने से चिकित्सा सुविधा बेहतर होगी। पहले दो केन्द्रों का चयन किया गया। जिसके परिणाम सार्थक आने पर सरकार ने यह निर्णय लिया है। यहां सुविधाओंं में भी इजाफा होगा।-डॉ.आरपी मीणा, ब्लॉक सीएमएचओ बांदीकुई
जिले में 87 केन्द्र होंगे विकसित
जिले में 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व 43 उप स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वास्थ्य कल्याण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए चयन कर लिया गया है। इससे मरीजों को काफी हद तक चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।- डॉ.रविन्द्र कुमार पोषवाल, कार्यक्रम समन्वयक एनसीडी दौसा