6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक दर्जन और कोरोना पॉजिटिव, एक व्यापारी की मौत

जिले में संक्रमितों की संख्या 540, जिले में अब तक 8 मौतें

2 min read
Google source verification

दौसा

image

Mahesh Jain

Aug 27, 2020

एक दर्जन और कोरोना पॉजिटिव, एक व्यापारी की मौत

एक दर्जन और कोरोना पॉजिटिव, एक व्यापारी की मौत

दौसा. जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। जिले में गुरुवार को 12 और मरीज पॉजिटिव मिले हैं। वहीं गुढ़ाकटला निवासी एक व्यापारी की कोरोना से जयपुर में मौत हो गई। इससे जिले में संक्रमितों की संख्या का आंकड़ा 540 पहुंच गया। हालांकि इनमें से 441 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वहीं जिले में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में एक्टिव केस 92 हैं। चिकित्सा विभागीय सूत्रों के अनुसार पापड़दा में तीन, भाण्डारेज में एक, सिकराय में तीन, महवा में एक एवं लालसोट में दो मरीज पॉजिटिव मिले हैं। विभाग की ओर से गुरुवार को 230 जनों के सैम्पल लिए गए हैं। संक्रमितों का जिला अस्पताल एवं अन्य जगहों पर उपचार चल रहा है।

लवाण. कस्बे में साढे ़तीन माह बाद कोरोना पॉजिटिव के केस आए हैं। इसके अलावा बीस दिन पहले आई कोरोना पॉजिटिव महिला की भी कस्बे में मौत हो गई। पंचायत समिति के पास जायसवाल मोहल्ले एक जने की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर सम्पर्क में आए लोगों के सैम्पल लिए।


मौत से मचा हड़कंप:
गुढ़ाकटला. कस्बे के एक कपड़ा व्यापारी की गुरुवार सवेरे कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। कोरोना से मौत की खबर से कस्बे में हड़कंप मच गया।जानकारी अनुसार कस्बे के एक कपड़ा व्यापारी को गत तीन चार दिन से बुखार खांसी की शिकायत थी, जिसका बांदीकुई के निजी चिकित्सालय में उपचार करवाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे जयपुर रैफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

चिकित्सालय में उपचार से पूर्व लिए गए कोरोना सेम्पल में व्यापारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। प्रशासन ने व्यापारी के घर रह रहे परिजनों को होम आइसोलेट किया। चिकित्सा अधिकारी डा.राजेन्द्र मीना ने बताया कि व्यापारी के सम्पर्क में आए छह परिजनों के सेम्पल लिए जाएंगे।

परिजनों को नहीं मिला शव
कोरोना पॉजिटिव व्यापारी के दाह संस्कार के लिए परिजनों को शव नहीं मिला। परिजनों ने शव को देने के लिए प्रशासन से गुहार की, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते परिजनों को शव नहीं दिया गया। उसका जयपुर में ही प्रशासन ने दाह संस्कार किया।