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एक माह बाद लौटने लगा लोगों का पटरी पर जीवन

प्रशासनिक व चिकित्सा अधिकारियो ने लिया ढाणी का जायजा-

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एक माह बाद लौटने लगा लोगों का पटरी पर जीवन

गीजगढ. जहांगीरिया की बैरवा ढाणी में लोगो के स्वास्थ्य की जानकारी लेती प्रशासनिक व चिकित्सा विभाग की टीम।

गीजगढ़ (दौसा). कोरोना संक्रमण महामारी से देश व प्रदेश में हडकम्प मचा हुआ है। महामारी ने पहले शहरों और फिर गांवों के लोगों को चपेट में ले लिया। ऐसे ही जहांगीरिया गांव की बैरवा ढाणी के लोगो का जीवन भी कोरोना महामारी के कठिन दौर से गुजरने के एक माह बाद पटरी पर आने लगा है। ग्राम पंचायत सरूण्डला के जहांगीरिया गांव की बैरवा ढाणी में शुक्रवार शाम को प्रशासनिक अधिकारी तहसीलदार रामावतार मीना, नायब तहसीलदार विनोद गुप्ता व ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमित मीना ने एक पखवाड़े बाद पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य का जायजा लिया।
सरूण्ड़ला पंचायत के जहांगीरीया गांव में मई माह के शुरुआत में एक पखवाड़े में नौ लोगों की मौत हो जाने व दो दर्जन से अधिक कोरोना पॉजिटिव हो जाने से लोगों का जीवन घरों में कैद होकर रह गया था। जो अब एक माह गुजरने के बाद सभी की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद ढाणी का जीवन पटरी पर लौटने लगा है।
जानकारी के अनुसार इस ढाणी में इस माह के शुरुआती सप्ताह में पांच दिन में ही एक कोराना पॉजिटिव व पिता-पुत्र सहित एक साथ 7 लोगों की व एक पखवाड़े में नौ लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद ढाणी सहित आसपास की ढाणी के लोगों में कोरोना संक्रमण का भय बन गया था।

लोगों ने कर दिए थे रास्ते बन्द
बैरवा ढाणी के लोगों ने बताया कि उनकी ढाणी में कोरोना पॉजिटिव की मौत होने और दर्जनों कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद आसपास के लोगों ने उनके मृत लोगों के शवों को श्मशान तक जाने वाले रास्तों में काटें व झाडीया लगाकर बन्द कर दिए थे।
इसको लेकर ढाणीवासियों ने एक खेत मेंं ही श्मशान बनवाया। इसके अलावा ढाणीवासियों को राशन सामग्री व दवा भी उपलब्ध नहीं होने से उनका मई का माह एक वर्ष से भी कठिन गुजरा है।

कस्बों का हाल-बेहाल
जिला मुख्यालय को छोड़ जिले के छोटे-बड़े शहरों एवं कस्बो में शनिवार सुबह से 11 बजे तक बाजारों में दुकानें पूरी तरह खुली। बाजारों में ग्राहकों की जमकर भीड़ देखने को मिली। कस्बों में सुबह के समय पुलिस व अन्य अधिकारियों के नहीं पहुंचने से कफ्र्यू की खुली अवहेलना देखने को मिली।