लालसोट(दौसा). अपनी अनूठी ख्याल गायकी से देश भर मेें प्रसिद्ध लालसोट का गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल रविवार को अपने पूरे शबाब पर रहा। दंगल में रविवार को दूसरा दौर रहा और इस दौर को हेला ख्याल दंगल में राजनैतिक दौर माना जाता है। इस दौर में सभी गायन मंडलियों के गायकों ने अपनी रचानाओंं से साबित कर दिया कि वे गांव के कृषक होने के बाद भी देश व विदेश के सभी घटनाक्रमों पर पैनी नजर भी रखते है।
लगातार 72 घंटे तक चलने इस संगीत के अनूठें महाकुंभ में हेला ख्याल गायकों ने अपनी रचानाओं के माध्यम से सभी दलों राजनेताओं की कार्यशैली एवं विभिन्न मुद्दों पर बेबाक ढंग से टिप्पणी की और प्रदेश व केेंद्र सरकार के कामकाज की अपनी ढंग से समीक्षा भी की। दंगल में राजनीति का असर गायन मंडलियों पर भी साफ नजर आया और कुछ गायन मंडलियों ने केंद्र की मोदी व उनकी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए गहलोत सरकार का गुणगान किया तो कुछ गायन मंडलियों पर गहलोत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी व भाजपा की बड़ाई की। हेला ख्याल सुनने के लिए पहुंचे हजारों श्रोताओं ने भी अपनी पंसद के अनुसार इन रचनाओं का लुत्फ भी उठाया। शनिवार रात्रि से शुरू हुए 273 वें हेला ख्याल संगीत दंगल में प्रथम दौर रविवार दोपहर शुरू हुआ। जिसके बाद दूसरे दौर में सभी गायन मंडलियों ने भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के साथ राजनैतिक घटनाक्रम के साथ राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, प्रदेश कांग्रेस में गहलोत व पायलट के बीच खीचतान, यूपी में योगी का बुलडोजर, प्रदेश में पेपर लीक, पुलवामा हमले की वीरांगनों एवं डॉ.किरोड़ी के साथ पुलिस के बर्ताव, दिल्ली का शराब घोटाला, अडाणी मामला, राहुल गांधी द्वारा देश से बाहर दिया गया बयान समेत कई समसामयिक मुद्दों पर रचनाएं पेश की। राधारण मंडल गंडाल ने देश में अंगद के पैर की तरह जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार पर वार करते हुए गाया कि चांदी के टुकड़ों पर बिक रही न्याय धर्म सच्चाई, रिश्वत लेवे भ्रष्टाचारी काली करें कमाई, एक उल्लू बैठे डारी तो उजड़ जाए फुलवारी, यहां बैठे हर डाल पर उल्लू, याकी चिंता भारी। रिश्वत चल रही भारी, ***** रही जनता सारी, थानेदार, सरपंच, पंच गिरदावर और पटवारी, सरेआम रिश्वत लेते है सब अफसर सरकारी, सो सो मूसा खां कर बिल्ली तीरथ की कर रही तैयारी। दंगल समिति के अध्यक्ष रवि हाडा ने बताया कि हेला ख्याल संगीत दंगल में इस बार एक दर्जन गायन मंडलियां शिरकत कर रही है। दंगल का समापन सोमवावर सुबह होगा, इस मौके पर सभी गायन मंडलियों के मीडिया व दंगल के आयोजन में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
मोदी,राहुल, गहलोत, पायलट, केजरीवाल व अडानी पर साधा निशाना
हेला ख्याल संगीत दंगल में गायन मंडलियों ने सभी दलों के नेताओं पर अपनी रचनाओं के जरिए खूब निशाना साधा। पारख मंडल ने अपने मीडिया प्रकाश चंद सैनी के निर्देशन में प्रधानमंत्री मोदी व उद्योगपति अडानी पर व्यंग करते हुए सुनाया कि जावे मोदी विदेश ट्यूर पे, संग अडानी जावे, ठेके पर काम दिलावे, ढाई सौ लाख करोड़ का ऋण बैंकों से याकू मिलवावे, माफ 84 लाख करोड़ करावे, एयरपोर्ट, सीपोर्ट, कोयला, गैस कंपपी बेच दईये, सडक़ सीमेंट, स्टील, बिजली सब ठेका पे चल रहिए, सब खेल अडानी के कालेधन को। इसी तरह श्यामपुरा कलां के बजरंग मंडल ने अपने मीडिया रमेशचंद सौखियां पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वार करते हुए गाया कि राहुल की तुम भाषण देते,थोड़ा मचाते शोर है, मोदी जी को आप बताते चौकीदार तो चौर है,अर ये चौकीदार तो वफादार, भारत की शान बढाई, देखो देश विदेश के माही अर साठ साल तक किया क्या तुम हमको दो समझाई, केवल भ्रष्टाचार मचाई। इसी तरह महाकाली मंडल ने गाया कि राहुल गांधी देश से दगा करता है, भारत में रह कर खोटे काम करता है बाहर जा के देश को बदनाम करता है, खूब रैली निकाली, भाषण भी दे रहे डेली, भारत जोड़ेगों या तोड़ेगे क्या लग रही मन में। सैनी मंडल ने अपने मीडिया संतोष कुमार दुर्गालाल सैनी के निर्देशन में केजरीवाल पर निशाना साधते हुए गाया कि झाडू वाले तेरे खेल है अजब निराले, तैने कौवा पाले काले, ये बैठे हंस के भेष में, कट्टर ईमानदार बता तू, इतना धन कहा से आया। मनीष सिसोदिया न दारुन का पैसा खाया, सतेन्द्र जैन ने कर दिया सपाया, अब या केजरीवाल की माया, चोरन का गले लगाया।
