
World Transplant Games 2023: तहसील मुख्यालय का मूल निवासी हर्षवर्धन सिंह की वर्ष 2017 में किडनी ख़राब होने पर परिवार ने इनके बचने की सारी उम्मीदे खो दी थी, तब डॉक्टर ने इन्हें बचाने का एक मात्र उपाय किडनी ट्रांसप्लांट बताया| इनकी माता दुर्गेश कंवर ने बिना कुछ सोचे अपना एक गुर्दा इन्हे दान कर दिया और आज दोनों लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। हर्षवर्धन 2019 व 2022 में आयोजित नेशनल ट्रांसप्लांट गेम्स में पदक विजेता हैं और रोटरी क्लब व अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लोगों को गुर्दा रोग व अंगदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं |
हर्षवर्धन सिंह ने बताया किसी की किडनी, लिवर, हृदय ख़राब हो जाने का मतलब हम जीवन का अंत समझते हैं और हमारे देश में अधिकतर लोगों की सोच है कि यदि इन अंगों का प्रत्यारोपण भी करवा लिया जाए तो जीवन सामान्य नहीं रहता, लेकिन इस सोच को सिरे से झुठलाकर प्रदेश के कुछ युवा वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स 2023 में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।
वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स वर्ष 1978 से ओलंपिक एसोसिएशन के सहयोग से हर दो वर्ष के अंतराल पे अलग अलग देशो में आयोजित किया जाता हैं, इस वर्ष वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में 15 से 21 अप्रेल को होगा। जिसमे भारत की और से 30 खिलाडी विभिन्न खेलों व श्रेणियों में दुनिया भर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। मैं अंग ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों को दिखाना चाहता हूं कि ट्रांसप्लांट कराने के बावजूद आप नार्मल और हेल्थी लाइफ जी सकते हैं। ट्रांसप्लांट कराने के छह महीने बाद मैं चलने लायक हुआ और अब देश का प्रतिनिधित्व अंतरास्ट्रीय स्तर पर करने के लिए तैयार हूं।
अंगदाता दुर्गेश कंवर ने बताया लोग अंगदान से डरते हैं और यह डर उनके अपने परिवार के सदस्यों, लोगों को, जिन्हें वे कहते हैं कि वे प्यार करते हैं, मरने की अनुमति देते हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
Published on:
14 Apr 2023 02:18 pm
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