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बोरवेल में बालक गिरा, सवा घंटे रेस्क्यू के बाद निकाला, लेकिन थम गई सांसें

सात वर्षीय अमित को नहीं बचा सके
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 17 Oct 2020, 7:56 PM IST

बोरवेल में बालक गिरा, सवा घंटे रेस्क्यू के बाद निकाला, लेकिन थम गई सांसें

बोरवेल में बालक गिरा, सवा घंटे रेस्क्यू के बाद निकाला, लेकिन थम गई सांसें

कुण्डल. गुढाकटला.(दौसा).बांदीकुई उपखण्ड की ग्राम पंचायत भांवता-भांवती के ढाणी बेड़ाली में सात वर्षीय बालक शनिवार दोपहर बोरवेल में गिर गया। मौके पर पहुंचे प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से बालक को निकालने का रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्यू कार्य में बोरवेल से करीब 10 फिट की दूरी से जेसीबी की मदद से खुदाई करके सवा घण्टे की मशक्कत के बाद बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया। एम्बुलेंस से बालक को जिला चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

आवाज सुनी तो दौड़े मदद को
भांवती के बेड़ाली ढाणी में शुक्रवार रात्रि को ही एक बोरवेल कराया गया था। शनिवार को दोपहर 12.30 बजे सात वर्षीय बालक अमित पुत्र फैलीराम मीना खेलते-खेलते उधर जा पहुंचा। पैर फिसल जाने से वह बोरवेल में गिर गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मदद को दौड़े तो आवाज बोरवेल से आई। इसकी सूचना ग्रामीणों ने सरपंच रत्तीराम मीना सहित अन्य ग्रामीणों को दी। जानकारी के अनुसार बालक विक्षिप्त बताया जा रहा है। मौके पर पहुंचे सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी हरिमोहन मीना ने जेसीबी मंगाकर बच्चे को निकालने के लिए अपने स्तर पर रेस्क्यू शुरू किया। सवा घंटे बाद 1.45 बजे निकाल लिया गया था। सूचना के बाद मौके पर बांदीकुई पुलिस वृताधिकारी संजय सिंह चम्पावत, कोलवा थानाधिकारी बनवारीलाल, बसवा तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर, नायब तहसीलदार धर्मेन्द्र मीना, सहित अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे।

भीड़ को हटाती रही पुलिस

बालक के बोरवेल में गिरने की सूचना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कोलवा थाना पुलिस मौके पर बोरवेल के समीप बार-बार जमा हो रही भीड़ को हटाती दिखाई दी।

अपनाई देसी तकनीक

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्रामीण अर्जुन मीना, रोशन, भवानी व लब्बाराम मीना की टीम ने तत्परता दिखाते हुए खुदाई करते हुए देशी तकनीक के माध्यम से सुंरग बनाते हुए करीब 15 फिट गहराई से बालक को बाहर निकाला।

परिजनों का रो-रोकर हाल खराब

बोरवेल में बालक के गिरने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बालक की माता को महिलाएं ढांढ़स बंधा रही तो तो उसके पिता को प्रशासनिक अधिकारी व ग्रामीण ढाढ़स बंधाते रहे।