गर्भधारण से लेकर प्रसव तक साफ-सफाई, सामाजिक दूरी, मास्क, सेनेटाइजर आदि का उपयोग कर कोरोना के लक्षणों से बचाने पर जोर दिया जा रहा है। दौसा अस्पताल में आने वाले गर्भवती महिलाओं को अब खासतौर पर कहा जा रहा है कि किसी भी तरह का इंफेक्शन नजर आने पर चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें, अन्यथा खतरा होने की आशंका खड़ी हो जाएगी। गौरतलब है कि फिलहाल गर्भवती महिलाओं का कोविड वैक्सीनेशन भी नहीं होता है, ऐसे में उनके समक्ष खतरा अधिक है।