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निजी बस-ट्रक में भिड़ंत, डेढ़ दर्जन मजदूर घायल

एनएच 11 ए के बायपास पर हुई दुर्घटना
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दौसा

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Rajendra Kumar Jain

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Updated: 31 Jan 2021, 5:00 PM IST

निजी बस-ट्रक में भिड़ंत, डेढ़ दर्जन मजदूर घायल

लालसोट के निर्झरना गांव के पास बायपास हुई भिड़ंत के बाद गड्ढे में गिरी बस।

दौसा. लालसोट उपखण्ड के निर्झरना गांव के पास एनएच 11 के लालसोट बायपास पर रविवार सुबह एक निजी बस व ट्रक की टक्कर में 18 जने घायल हो गए। घायलों में अधिकांश जने बस में सवार मजदूर हैं, जो कि बिहार के निवासी है।

घायलों में तीन की हालत नाजुक होने पर जिला चिकित्सालय से जयपुर रैफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब पांच बजे एक निजी बस कोटा की ओर जा रही थी, बस में बिहार निवासी करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर थे, इसी दौरान एक प्लास्टिक के दाने भरा ट्रक गुजरात से दिल्ली जा रहा था, दोनो वाहनों की निर्झरना गांव के पास सुबह करीब पांच बजे भीषण भिड़ंत हो गई। इससे दोनों ही वाहन टक्कर के बाद रोड के दोनों तरफ करीब दो सौ फीट की दूरी पर सााइड में बने गहरे गड्ढों में जा गिरे। बस के आगे का हिस्सा लगभग क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर हाइवे निर्माण के कंपनी के कर्मचारी के साथ लालसोट व रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस का जाप्ता भी मौके पर पहुंचा और घायलों को जिला चिकित्सालय व लालसोट सीएचसी भेजा। बिहार के समस्तीपुर निवासी राजीव यादव, थगरिया निवासी भैरव सिंह, भागलपुर निवासी बिट्टू, सरसा निवासी नेवद यादव, भागलपुर निवासी प्रवीण और खागरिया निवासी भाजा को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया, जिनमें से राजीव, भैरव व बिट्टू को गंभीर चोटे होने के चलते जयपुर एसएमएस के लिए रैफर कर दिया गया। जबकि भरतपुर के नगर निवासी शेहरान, बिहार निवासी अभिमन्यू, विनय यादव, गौतम, सुमन, राजा, भोला, जमाल,विनय कुर्मी, रामदयाल, कृष्णा और नवल को उपचार के लिए लालसोट सीएचसी पहुंचाया गया, जहां शेहरान को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के लिए रैफर कर दिया गया। शेष घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।


मदद को आगे आए ग्रामीण
दोनों वाहनों की भिडं़त के बाद हुई जोरदार आवाज को सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों की जान बचाने में जुट गए। निर्झरना ग्राम पंचायत सरपंच प्रद्युम्न सिंह व ग्रामीणों ने अंधेरे के बीच टॉर्च की रोशनी में सभी घायलों को बस से बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए चिकित्सालयों मेंं भिजवाया।