दौसा. प्रदेश में बढ़ी बिजली की दरों पर दौसा में शुक्रवार को कांग्रेस ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया। जिला कलक्ट्रेट के बाहर धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर सुमित्रा पारीक को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन कलक्ट्रेट का मुख्य गेट बंदकर कार्यकर्ताओं को बाहर रोक दिया। बाद में प्रतिनिधिमंडल को ज्ञापन देने के लिए अंदर जाने दिया गया। इस दौरान अघोषित बिजली कटौती व पेयजल समस्या समेत कई मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कई पदाधिकारी कलेक्ट्रेट के गेट पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने रोका।
इस दौरान बांदीकुई के पूर्व विधायक जीआर खटाणा ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से ही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है। शहर ही नहीं गांवों में भी कटौती की जा रही है। इससे गर्मी व उमस भरे मौसम में बच्चों व बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। यदि जल्द ही बिजली सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ ने कहा कि जिले में बिजली की अघोषित कटौती आमजन पर कहर ढा रही है, जबकि बिजली के बिलों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा, जबकि कांग्रेस सरकार के वक्त 4 से 5 दिनों में पानी की सप्लाई होती थी और वर्तमान में 10 से 15 दिनों में पानी ठीक तरीके से भी नहीं पहुंच रहा। इसके विरोध में पीसीसी के निर्देश पर धरना प्रदर्शन किया है।
इस दौरान जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, दौसा प्रधान प्रहलाद मीणा, सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा, लवाण प्रधान बीना बैरवा, पीसीसी सचिव चतरसिंह बासडा, ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज गुर्जर, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रुक्मिणी देवी, पीसीसी सदस्य सुरेंद्र गुर्जर, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पटेल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।