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गौरवशाली विरासत पर अस्तित्व का संकट, हेला ख्याल संगीत दंगल पर कोरोना का लगा ग्रहण

लगातार दूसरी साल नहीं होगा आयोजनगणगौर के मौके पर होता है आयोजन

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गौरवशाली विरासत पर अस्तित्व का संकट, हेला ख्याल संगीत दंगल पर कोरोना का लगा ग्रहण

लालसोट के हेला ख्याल संगीत दंगल में प्रस्तुति देते गायक कलाकार(फाइल फोटो)

दौसा (लालसोट) . कोरोना संक्रमण ने लालसोट की गौरवशाली विरासत हेला ख्याल संगीत दंगल के अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। गणगौर के मौके पर पिछले करीब पौने तीन सौ सालों से शहर में आयोजित होने वाला हेला ख्याल संंगीत के आयोजनको एक गौरवशाली परपंरा व लालसोट की पहचान केे रूप में देखा जाता है, लेकिन गत वर्ष से ही कोरोना संक्रमण के चलते दंगल का आयोजन नही हो रहा है। गत वर्ष आयोजन होने नहीं होने से मायूस हेला ख्याल के रसिक श्रोताओंं को उम्मीदें थी कि इस बार बार हालात बेहतर होने पर एक बार फिर हेला ख्याल के इस अनूठे संगीत दंगल का आयोजन होगा, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने सबके अरमानों पर पानी फेर दिया है।
अनूठी ख्याल गायकी के इस विशाल आयोजन ने जहां कई सालों से अपनी लोकप्रियता से एक खास पहचान कायम करते हुए प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर स्वयं को लालसोट की पहचान के रुप में स्थापित कर लिया था। गत वर्ष होली के बाद हर वर्ष की तरह शहर के प्रबुद्ध व हेला ख्याल से जुड़े लोगों ने नगर पालिका पालिका कार्यालय में एक बैठक का आयोजन करते हुए 272 वें संगीत दंगल के लिए रमेशचंद जांगिड़ को हेला ख्याल संगीत दंगल समिति का अध्यक्ष मनोनीत करते हुए तैयारियां भी शुरू कर दी थी और कई गायक मंडलियों ने रियाज करना भी शुरू कर दिया था। बाद में यह आयोजन कोरोना की भेंट चढ़ गया था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद गाइड लाइन के तहत प्रदेश में धार्मिक व सामाजिक आयोजनों पर रोक होने से इस वर्ष भी गणगौर के मौके पर हेला ख्याल संगीत दंगल का आयोजन नहीं होने जा रहा है।
कलाकार व श्रोता मायूस
लगातार दूसरे साल हेला ख्याल संंगीत दंगल का आयोजन नहीं होने से इससे जुड़े सैकड़ों कलाकार व हजारों रसिक श्रोता मायूस हैं। दंगल में लालसोट के अलावा कई जिलों की गायक मंडलियों के सैकड़ों कलाकार रचनाओं की प्रस्तुति देते हैं। दंगल का राजनीतिक दौर सबसे चर्चित रहता आया है, जिसमें सरपंच से लेकर देश के प्रधानमंत्री के साथ बीते एक साल के राजनीतिक घटनाक्रम पर हेला ख्याल की रचना के जरिए निशाना साधा जाता रहा है।
आम व खास में नहीं कोई अंतर
हेला ख्याल संंगीत दंगल के रसिक श्रोताओं में आम व खास दोनों होते हैं, लेकिन सबको समान दर्जा दिया जाता है। प्रदेश के उद्योग मंत्री परसादीलाल मीना, राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना, सांसद जसकौर मीना समेत कई नेता आम श्रोताओं के बीच बैठकर दंगल का लुत्फ उठाते रहे हैं।

होली से ही तैयारी
हेला ख्याल संंगीत दंगल के आयोजन करीब एक पखवाड़े पहले ही लालसोट की आबोहवा में दंगल की खुशबू मकहने लगती थी। गायक मंडलियों द्वारा रात्रि को अपने नियत स्थान पर होली के बाद से ही प्रस्तुति का अभ्यास करने लगते थे।

इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन ने दंगल की अनुमति नहीं दी है। लगातार दूसरे साल दंगल का आयोजन नहीं होना पूरे लालसोट के लिए निराशाजनक है, लेकिन वर्तमान समय में कोरोना से बचाव जरूरी है। उम्मीद है अगले साल हालात बेहतर होंगे और दंगल का आयोजन होगा।
रमेशचंद जांगिड़,
हेला ख्याल संंगीत दंगल समिति अध्यक्ष, लालसोट