दौसा. श्याम मंदिर चरणधाम के पाटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो भक्ति रसपूर्ण कथा का श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यास शंकरदास ने कहा कि जीवन में सच्चा मित्र वहीं हैं, जो कि विपत्ति में साथ दे। मनुष्य को श्रीकृष्ण-सुदामा जैसी मित्रता करनी चाहिए। और भक्ति नरसी जैसी करनी चाहिए। प्रभु हर विपत्ति में सच्चा साथ निभाते हुए भक्त का मान रखते हैं। श्रीकृष्ण ने नरसी भक्त की हुंडी ही नहीं स्वीकारी, बल्कि स्वयं गोविंद नरसी भगत के साथ नानी बाई का मायरा भरने पहुंचे। संयोजक राजेश ठाकुरिया ने बताया कि 20 फरवरी को 108 अखंड रामायण पाठ शुरू होंगे। 21 फरवरी को संत रिछपाल दास त्रिवेणी धाम के आशीर्वचन एवं पूर्णाहुति होगी।