
सीकरी गांव में करंट से महिला की मौत हो जाने के बाद विलाप करती महिलाएं।
दौसा. मानपुर थानांतर्गत सीकरी गांव में शुक्रवार दोपहर बाद एक महिला की खेत में पानी मोड़ते समय विद्युत करंट लग गया। परिजन घायलावस्था में महिला को अस्पताल ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पीपलकी सरपंच बत्तूलाल मीणा ने बताया कि हंसों देवी (45) पत्नी हरिराम मीणा खेत में पानी मोड़ रही थी। तभी खेत की मेडबंदी पर लगा तार की करंट की चपेट में आ गई। करंट लगने से वह अचेत हो गई। परिजन महिला को सिकराय सामुदायिक अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सरपंच ने बताया कि मृतका का पति हरिराम मीणा झगड़े में घायल हो गया था, जो अभी विश्राम पर चल रहा है।
अब पत्नी की मौत हो जाने से घर में कोहराम मच गया है, मृतका के एक लड़का व एक लड़की है। जिनके सिर से मां का साया उठ गया है। विद्युत निगम के सहायक अभियंता कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि सीकरी गांव में विद्युत करंट से महिला की मौत होने की सूचना मिली थी। लाइनमैन को मौके पर भेजकर जांच करवाई गई है। जिसमें एलटी लाइन का करंट खेत के चारों ओर तार मेड़बंदी में करंट आ गया। जिससे महिला की मौत होना बताया गया है। थाना प्रभारी मांगीलाल मीणा ने बताया कि विद्युत करंट से महिला की मौत होने की सूचना मिली थी। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों की सूचना दी गई थी, लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम करवा ही महिला के शव को अस्पताल से ले गए।
जमीन पर जबरन कब्जे से किसानों में फूटा रोष
रामगढ़ पचवारा (लालसोट). दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए रामगढ़ पचवारा क्षेत्र में किसानों को मुआवजे दिए जाने से पूर्व ही उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा करने से शुक्रवार को किसानों का रोष फूटा पड़ा। मामले को लेकर शुक्रवार को भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी व किसान रामगढ़ पचवारा उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर जा पहुंचे। इस दौरान कार्यालय में एसडीएम सरिता मल्होत्रा मौजूद नही होने के बाद किसानों ने कार्यालय के प्रवेश द्वार पर काफी देर तक नारे लगाए। समिति के जिला अध्यक्ष हनुमान सिंह और उपाध्यक्ष बृजमोहन शर्मा का कहना था कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अवाप्त की गई जमीनों का किसानों को मुआवजा देने से पूर्व ही एनएचआई व संवेदक द्वारा जबरन जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को क्षेत्र के झूपडिय़ा राजावतान गांव में पुलिस का दबाव बना कर किसानों की जमीनों पर खड़ी फसल को नष्ट करते हुए जबरन कब्जा जमाया गया है।
इससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
इस दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व किसानों का कहना था वे कई बार उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन व आपत्तियां दे चुके हैं, लेकिन आज तक प्रशासन ने उनकी पीड़ा को नहीं सुना है। पदाधिकारियों का कहना था कि किसानों को अब तक उनकी जमीनों व परिसंपत्तियों का मुआवजा नहीं मिला है और जबरदस्ती से उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है।
पदाधिकारियों का कहना था कि इसी तरह किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर रामगढ़ पचवारा तहसील अध्यक्ष कैलाश मीना, जगदीश मीना, राहुवास तहसील अध्यक्ष रामगोपाल मीना, प्रदीप शर्मा, रामस्वरूप खटाना, नरसीलाल मीना एवं राकेश मीना समेत कई किसान भी मौजूद रहे।
Published on:
23 Oct 2020 09:40 pm
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