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दौसा कलक्ट्रेट पर फिर मचा बवाल, महिलाओं व पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की

कालवान सरपंच के भाई की गिरफ्तारी के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन, महिलाएं चोटिल व बेसुध हुई

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दौसा

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Mahesh Jain

Jan 25, 2021

दौसा कलक्ट्रेट पर फिर मचा बवाल, महिलाओं व पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की

दौसा कलक्ट्रेट पर फिर मचा बवाल, महिलाओं व पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की

दौसा. सिकराय उपखण्ड की ग्राम पंचायत कालवान की सरपंच मीरा मीना के भाई प्रकाश मीना की गिरफ्तारी के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने जिला कलक्ट्रेट पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया। जिला कलक्ट्रेट में प्रवेश को लेकर पुलिसकर्मियों व महिलाओं में धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान कुछ महिलाओं के चोट आई तो कुछ बेसुध भी हो गई। बाद में राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की बात सुनी व पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कराकर मामला शांत कराया।

गौरतलब है कि क्रशर पर तोडफ़ोड़ व मारपीट के मामले में पुलिस ने रविवार तड़के घर में सो रहे प्रकाश मीना को गिरफ्तार कर लिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मानपुर थाने का घेराव कर दौसा कूच किया तथा कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। दूसरे दिन सोमवार सुबह भी सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं व पुरुष दौसा आ गए तथा नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने दरवाजा बंद कर ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाएं गेट पर चढ़कर अंदर घुसने लगी तो उन्हें रोकने के प्रयास में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। करीब दस मिनट तक जमकर बवाल हुआ। ग्रामीण महिलाओं को अंदर धकेलते रहे तो पुलिस रोकने का प्रयास करती रही। इस छीना-झपटी में कई महिलाएं गिर गई तो किसी की पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हो गई। तीन-चार महिलाओं के कपड़े भी फट गए। वहीं कई पुलिसकर्मियों की वर्दी की नेमप्लेट आदि टूट गई। गुत्थम-गुत्थी बढऩे पर पुलिस ने लाठी फटकारी तो एकबारगी ग्रामीण पीछे हट गए, लेकिन फिर जोश के साथ आगे आ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों के बीच जमकर कहासुनी हुई। करीब डेढ़-दो दर्जन महिलाएं अंदर घुसने में कामयाब भी हो गई। इसके बाद ग्रामीण गेट के बाहर धरना पर बैठ गए। धक्का-मुक्की में ग्रामीण देवीराम, रामफूल, सियादेवी सहित अन्य के चोट आई। धरने के दौरान करीब एक दर्जन महिलाएं बेसुध होकर सड़क पर ही लेट गई। बाद में जिला अस्पताल की टीम ने आकर उपचार किया। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए खननकर्ताओं के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।


किरोड़ी की मौजूदगी में हुई वार्ता

करीब एक घंटे तक ग्रामीण कलक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी करते रहे। इस पर राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने पहुंचकर ग्रामीणों की बात सुनी तथा प्रतिनिधिमंडल के साथ एडीएम लोकेश मीना व एएसपी अनिलसिंह चौहान से चर्चा की। इसके बाद जिला कलक्टर पीयुष समारिया व एसपी अनिल बेनिवाल से वार्ता की गई। किरोड़ीलाल ने ग्रामीणों की मांग अवैध खनन रोकने व ग्रामीणों पर एकतरफा कार्रवाई आदि से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर प्रशासन ने अवैध खनन पर कार्रवाई करने तथा सरपंच के भाई के खिलाफ दर्ज मामले की जांच दूसरे अधिकारी से निष्पक्ष कराने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों को कलक्ट्रेट के बाहर भोजन कराकर गांव भेजा गया। हालांकि ग्रामीण संतुष्ट नजर नहीं आए तथा शीघ्र उनकी मांगों पर उचित समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी देते दिखे।

...फिर भी रोक नहीं सका पुलिस-प्रशासन

कलक्ट्रेट पर मचे बवाल के दौरान पुलिस व प्रशासन की लापरवाही भी नजर आई। सैकड़ों ग्रामीणों के कालवान से रवाना होने तथा कलक्ट्रेट के समीप काफी देर एकत्र होने की जानकारी अधिकारियों के पास पहले से थी। इसके बावजूद बवाल को रोका नहीं जा सका। ग्रामीणों ने जब कलक्ट्रेट के गेट पर धावा बोला तो सभी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी अंदर मौजूद थे। घटनाक्रम को रोकने में पुलिस की रणनीति कमजोर दिखी। भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं के आने के बावजूद महिला पुलिसकर्मी भी कम संख्या में नजर आई। ऐसे में वे काबू नहीं कर पाई और पुरुष पुलिसकर्मियों को महिलाओं से उलझते देखा गया।

सरपंच के भाई को भेजा जेल
मानपुर. पुलिस ने कालवान सरपंच के भाई प्रकाश मीणा को सिकराय न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल भेज दिया। गौरतलब है कि कालवान पहाड़ी में लगी तिरुपति क्रशर प्लांट पर एक सप्ताह पहले हुई तोडफ़ोड़ व मारपीट को लेकर रविवार अलसुबह मानपुर सीओ संतराम मीणा के नेतृत्व में मानपुर, सिकंदरा व मेहंदीपुर बालाजी थानों की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरपंच के भाई को गिरफ्तार कया था। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।