गौरतलब है कि क्रशर पर तोडफ़ोड़ व मारपीट के मामले में पुलिस ने रविवार तड़के घर में सो रहे प्रकाश मीना को गिरफ्तार कर लिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मानपुर थाने का घेराव कर दौसा कूच किया तथा कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। दूसरे दिन सोमवार सुबह भी सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं व पुरुष दौसा आ गए तथा नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने दरवाजा बंद कर ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाएं गेट पर चढ़कर अंदर घुसने लगी तो उन्हें रोकने के प्रयास में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। करीब दस मिनट तक जमकर बवाल हुआ। ग्रामीण महिलाओं को अंदर धकेलते रहे तो पुलिस रोकने का प्रयास करती रही। इस छीना-झपटी में कई महिलाएं गिर गई तो किसी की पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हो गई। तीन-चार महिलाओं के कपड़े भी फट गए। वहीं कई पुलिसकर्मियों की वर्दी की नेमप्लेट आदि टूट गई। गुत्थम-गुत्थी बढऩे पर पुलिस ने लाठी फटकारी तो एकबारगी ग्रामीण पीछे हट गए, लेकिन फिर जोश के साथ आगे आ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों के बीच जमकर कहासुनी हुई। करीब डेढ़-दो दर्जन महिलाएं अंदर घुसने में कामयाब भी हो गई। इसके बाद ग्रामीण गेट के बाहर धरना पर बैठ गए। धक्का-मुक्की में ग्रामीण देवीराम, रामफूल, सियादेवी सहित अन्य के चोट आई। धरने के दौरान करीब एक दर्जन महिलाएं बेसुध होकर सड़क पर ही लेट गई। बाद में जिला अस्पताल की टीम ने आकर उपचार किया। करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाते हुए खननकर्ताओं के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।