दौसा. जिले में वैसे तो कोरोना ने शहर की हर गली व मोहल्लों में दस्तक दी, लेकिन शहरों की अपेक्षा गांवों में अधिक हावी रहा। चिकित्सा विशेषज्ञ शहरों की अपेक्षा गांवों में कोरोना का हावी रहने का मुख्य कारण शहरों में जागरूकता एवं ग्रामीण इलाकों में जागरूकता में कमी और लापरवाही अधिक मान रहे हैं। जिले में शहरी इलाका दौसा शहर, बांदीकुई नगरपालिका,लालसोट नगरपालिका व महुवा शहर को माना जाता है, बाकि जिले के हिस्से को ग्रामीण इलाका ही माना जाता है। जिलेभर में अब 13 हजार 22 जने कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं,जिनमें से शहरी इलाके में 4 हजार 314 जने पॉजिटिव आए हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में 8 हजार 708 जने ग्रामीण इलाकों में पॉजिटिव आए हैं। यानि कुल पॉजिटिव का 33.12 प्रतिशत लोग शहरों में तो 66.87 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में पॉजिटिव आए हैं। हालांकि अब जिलेभर कोरोना की चेन टूटती जा रही है, लेकिन यदि आगामी सावों की शादियों में यदि फिर से लापरवाही बरती तो कोरोना हावी हो सकता है। वहीं लॉकडाउन में भी सख्ती बरतनी होगी, तब भी जाकर स्थिति काबू में आ सकती है।
यह है शहरों व गांवों की स्थितिजिले के दौसा शहर में पिछले वर्ष 3 अप्रेल 2020 से 22 अप्रेल तक की स्थिति का आंकलन किया जाए तो दौसा ब्लॉक में 5 हजार 201 जने पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहर में 3 हजार 84 केस सामने आए हैं, जबकि दौसा के ग्रामीण इलाके में 2117 केस पाए गए हैं। नगरपरिषद की आबादी अधिक होने से यहां केस अधिक पाए गए हैं। इसी प्रकार बांदीकुई ब्लॉक में 1904 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहर में 462 केस पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में 1442 केस पाए गए हैं। इसी लालसोट ब्लॉक में भी 2112 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहरी इलाके में 393 तो ग्रामीण इलाके में 1783 जने पॉजिटिव पाए गए हैं। महुवा में 2058 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहरी इलाके में 375 तो ग्रामीण इलाके में ग्रामीण इलाके में 1683 जने पॉजिटिव पाए गए हैं। सिकराय ब्लॉक का पूरा का पूरा इलाका ग्रामीण इलाके में हैं यहां पर 1747 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।