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दौसा. शहरों की बजाय गांवों में हावी रहा कोरोना

ग्रामीण इलाकों में 67 प्रतिशत लोग आए पॉजिटिव

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दौसा. शहरों की बजाय गांवों में हावी रहा कोरोना

दौसा. शहरों की बजाय गांवों में हावी रहा कोरोना

दौसा. जिले में वैसे तो कोरोना ने शहर की हर गली व मोहल्लों में दस्तक दी, लेकिन शहरों की अपेक्षा गांवों में अधिक हावी रहा। चिकित्सा विशेषज्ञ शहरों की अपेक्षा गांवों में कोरोना का हावी रहने का मुख्य कारण शहरों में जागरूकता एवं ग्रामीण इलाकों में जागरूकता में कमी और लापरवाही अधिक मान रहे हैं। जिले में शहरी इलाका दौसा शहर, बांदीकुई नगरपालिका,लालसोट नगरपालिका व महुवा शहर को माना जाता है, बाकि जिले के हिस्से को ग्रामीण इलाका ही माना जाता है। जिलेभर में अब 13 हजार 22 जने कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं,जिनमें से शहरी इलाके में 4 हजार 314 जने पॉजिटिव आए हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में 8 हजार 708 जने ग्रामीण इलाकों में पॉजिटिव आए हैं। यानि कुल पॉजिटिव का 33.12 प्रतिशत लोग शहरों में तो 66.87 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में पॉजिटिव आए हैं। हालांकि अब जिलेभर कोरोना की चेन टूटती जा रही है, लेकिन यदि आगामी सावों की शादियों में यदि फिर से लापरवाही बरती तो कोरोना हावी हो सकता है। वहीं लॉकडाउन में भी सख्ती बरतनी होगी, तब भी जाकर स्थिति काबू में आ सकती है।
यह है शहरों व गांवों की स्थितिजिले के दौसा शहर में पिछले वर्ष 3 अप्रेल 2020 से 22 अप्रेल तक की स्थिति का आंकलन किया जाए तो दौसा ब्लॉक में 5 हजार 201 जने पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहर में 3 हजार 84 केस सामने आए हैं, जबकि दौसा के ग्रामीण इलाके में 2117 केस पाए गए हैं। नगरपरिषद की आबादी अधिक होने से यहां केस अधिक पाए गए हैं। इसी प्रकार बांदीकुई ब्लॉक में 1904 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहर में 462 केस पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में 1442 केस पाए गए हैं। इसी लालसोट ब्लॉक में भी 2112 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहरी इलाके में 393 तो ग्रामीण इलाके में 1783 जने पॉजिटिव पाए गए हैं। महुवा में 2058 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से शहरी इलाके में 375 तो ग्रामीण इलाके में ग्रामीण इलाके में 1683 जने पॉजिटिव पाए गए हैं। सिकराय ब्लॉक का पूरा का पूरा इलाका ग्रामीण इलाके में हैं यहां पर 1747 जने कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

मौत के मामलों में भी ग्रामीण इलाका आगे
जिले में यदि कोरोना वायरस संक्रमितों की मौत में शहरी व ग्रामीण इलाकों में देखा जाए तो ग्रामीण इलाकों में ही अधिक मौत हुई है। चिकित्सा विभाग ने जिन 51 मौतों को कोरोना वायरस से माना है, उनमें शहरी इलाके में 18 व 33 ग्रामीण इलाकों में मानी गई है। दौसा शहर में 12, व ग्रामीण इलाकों में 4 मौत हुई है। जबकि जिले के बांदीकुई इलाके में 2 शहरी व 6 ग्रामीण इलाकों में मौत हुई है। इसी प्रकार लालसोट इलाके की बात करें तो यहां शहरी इलाके में मात्र 3 तो ग्रामीण इलाके में 10 जनों की मौत हो चुकी है। इसी प्रकार महुवा के शहरी इलाके में 1 तो ग्रामीण इलाके में 5 जनों की मौत हो गई। इसी प्रकर सिकराय में 8 जनों की कोरोना वायरस संक्रमित होने से मौत हो चुकी है।

यह है विशेषज्ञों का कहना
ग्रामीणों ने बरती लापरवाही जिले में ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमित होने के पीछे वैसे तो कई कारण हंै, लेकिन सबसे बड़ा कारण यह है ग्रामीण इलाकों में शादियों में लोगों ने सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया। दूषित भोजन का भी सेवन किया। यही कारण है लोगों ने लापरवाही बरती तो लोग संक्रमित हो गए।
- सुभाष बिलौनिया, डिप्टी सीएमएचओ दौसा।

लॉकडाउन की सही तरीके से पालना नहीं हुई जिले में शहरी इलाके में तो लॉकडाउन की सही तरीके से पालना हो गई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में एक भी ऐसा दिन नहीं निकला जिस दिन पूरी तरह से बाजार बंद रहे हैं। अनुमत को खुली ही है, लेकिन बिना अनुमत वाली दुकानें भी खुली हैं। लोग नियमों की पालना नहीं कर पाए। वहीं बीमार होने पर झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराते रहे।
- डॉ. सीएल सिंद्यल, चिकित्सक जिला अस्पताल दौसा।