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दौसा: बजट के पिटारे से जिले को मिली कई सौगात

लवाण में उपखण्ड कार्यालय, बहरावण्डा, बैजूपाड़ा व सैंथल की उपतहसीलों को क्रमोन्नत कर तहसील बनाया जाएगा गुढ़ाकटला, पापड़दा व कुण्डल में नई उप तहसील खुलेगी
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 24 Feb 2021, 8:05 PM IST

दौसा: बजट के पिटारे से जिले को मिली कई सौगात

दौसा: बजट के पिटारे से जिले को मिली कई सौगात

दौसा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए बुधवार को दौसा जिले को कई सौगातें दी। इससे स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लवाण में उपखण्ड कार्यालय खोलने की घोषणा की गई है। दौसा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व से ही दौसा व नांगल राजावतान उपखण्ड कार्यालय संचालित है, अब एक ही विधानसभा क्षेत्र में तीसरा एसडीओ कार्यालय खोलना अहम है। इसके अलावा बहरावण्डा, बैजूपाड़ा व सैंथल की उपतहसीलों को क्रमोन्नत कर तहसील बनाया जाएगा। गुढ़ाकटला, पापड़दा व कुण्डल में उप तहसील खुलेगी। इस संबंध में सभी जगह ग्रामीण मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई।

चिकित्सा क्षेत्र: खुलेगा नर्सिंग कॉलेज
जिले में नर्सिंग कॉलेज खोला जाएगा। इससे मेडिकल क्षेत्र में जाने के इच्छुक युवाओं को लाभ होगा। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज पूर्व में स्वीकृत हो चुका है। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर भी संचालित है। गुढ़ाकटला व बालाहेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सीएचसी में क्रमोन्नत किया गया तो बैजूपाड़ा में नया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला जाएगा। प्रत्येक विधायक की अनुशंसा पर एक-एक मॉडल सीएचसी बनेगी।

शिक्षा: मंडावर व रामगढ़ पचवारा में कॉलेज

शिक्षा के क्षेत्र में भी जिले को बड़ी सौगात मिली है। मंडावर में नवीन राजकीय महाविद्यालय तो रामगढ़ पचवारा में राजकीय महिला महाविद्यालय खोलने की मुख्यमंत्री की घोषणा की। वहीं महुवा के पावटा संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत किया जाएगा।


सिकराय व नांगल राजावतान में औद्योगिक क्षेत्र
जिले के औद्योगिक विकास की मांग सालों से की जा रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ी सौगात दी है। सिकराय विधानसभा क्षेत्र अब तक औद्योगिक क्षेत्र से वंचित था। अब सिकराय में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इसी तरह नांगल राजावतान में भी औद्योगिक क्षेत्र खुलेगा। खास बात यह है कि दौसा विधानसभा क्षेत्र में यह तीसरा औद्योगिक क्षेत्र होगा। पूर्व में दौसा व बापी में संचालित है। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस व तथा नेशनल हाइवे ए पर स्थित होने के कारण नांगल का औद्योगिक क्षेत्र उपयोगी रहेगा।

तीन बड़ी सड़कों का होगा निर्माण

दौसा विधानसभा क्षेत्र में एनएच 21 से एनएच 48 वाया छतरीवाली ढाणी, सिर्रा की ढाणी, दुर्गा मंदिर, मालपुरा, चांदराना जिला सीमा तक, लालसोट विधानसभा क्षेत्र में एनएच 148 से मोरोली वाया पीपली पातलवास, कोलीवाड़ा, डोब, पपलाज माता व सरधोण तक तथा सिकराय विधानसभा क्षेत्र में गोल्या मोड़ एनएच 25 से टोरड़ा वाया गांगदवाड़ी, गंडरावा, टोरडा रोड तक सड़क निर्माण होगा। इसके अलावा नगर परिषद क्षेत्र में 20 किलोमीटर व नगरपालिका क्षेत्रों में 10 किलोमीटर मुख्य सड़कों के मेजर रिपेयर कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से होंगे।


सैंथल सागर बांध का जीर्णोद्धार होगा

सरकार ने प्रदेश के 18 बांधों के जीर्णोद्धार की घोषणा की, जिसमें दौसा जिले के सैंथल सागर बांध को शामिल किया गया। गौरतलब है कि बांध का जीर्णोद्धार होने से सिंचाई के लिए पानी एकत्र रहने पर किसानों को लाभ होगा। साथ ही यह क्षेत्र पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।


एसीजेएम कोर्ट की मांग मानी

मुख्यमंत्री ने बजट में दौसा में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोलने की घोषणा की है। गौरतलब है कि इस संबंध में अभिभाषक संघ दौसा अध्यक्ष अवधेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने विधायक मुरारीलाल मीना से मांग की थी, इस पर विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। बार अध्यक्ष सहित अधिवक्ता चंद्रमोहन जोशी, जितेन्द्र गंगावत, जितेन्द्र तिवाड़ी, हुकुम अवाना, हाकिम सिंह, रविन्द्र बैंसला, बादल बैरवा, सेडूराम शर्मा, धर्मेन्द्र शर्मा, विजय शर्मा आदि ने आभार जताया।


दौसा में मिनी फूड पार्क व टाउनहॉल
कृषि जिंसों व उत्पादों के व्यवसाय व निर्यात को बढ़ाने देने के लिए जिले में मिनी फूड पार्क खोला जाएगा। इसके अलावा टाउनहॉल बनाने की भी घोषणा बजट में की गई।

पर्यटन सर्किल में मेहंदीपुर बालाजी

सरकार ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाने की योजना प्रस्तावित की है। इसमें दौसा जिले के प्रमुख आस्थाधाम मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को शामिल किया गया है।


पेयजल व स्टोन पार्क की आस नहीं हुई पूरी
बजट से जिले की सबसे बड़ी समस्या पेयजल के समाधान के लिए कुछ खास नहीं निकला। ईसदरा बांध परियोजना पूर्व में ही स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इसका काम अभी तीन-चार साल में पूरा होता नहीं दिख रहा। ऐसे में तत्कालीन राहत की उम्मीद बजट से की जा रही थी। हालांकि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 40 हैण्डपंप व 10 ट्यूबवैल लगाने की घोषणा की है, लेकिन यह अपर्याप्त है। इसके अलावा सिकंदरा के पत्थर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सैण्ड स्टोन पार्क को लेकर भी कोई घोषणा नहीं हुई। दौसा जिला मुख्यालय पर सीवरेज की मांग भी अधूरी रह गई।