
फोटो पत्रिका नेटवर्क
दौसा। जयपुर मार्ग पर जीरोता के निकट ट्रक यूनियन ऑफिस के नजदीक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को दौसा से कांग्रेस विधायक डीसी बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा में नोकझोंक हो गई। तहसीलदार पुलिस जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटवा रहे थे, उसी समय विधायक बैरवा कार्रवाई रुकवाने के लिए पहुंचे और कहा- आपके पास तोड़ने का आदेश क्या है, वह बताओ। इस पर तहसीलदार ने कहा- जमीन सरकारी है, अतिक्रमण हटाया जाएगा।
विधायक: आपके पास तोड़ने का आदेश क्या है?
तहसीलदार: मैं खुद सरकारी जमीन का मालिक हूं, इसमें मुझे कौन आदेश देगा।
विधायक: यहां पूरा दौसा ही सरकारी जमीन में है।
तहसीलदार: हां तो आप फोटो खींच ले जाओ। कोर्ट जाओ। सरकारी जमीन के बारे में मुझे कोई आदेश नहीं देगा, मेरी जमीन का मालिक मैं हूं। आप डीएम सर से बात कर लो। (इस बीच तहसीलदार कार्रवाई के आदेश देते हैं।)
विधायक: अरे! जेसीबी को रुकवाओ।
तहसीलदार: एमएलए साहब, फालतू बात नहीं, गलत बात हो जाएगी, सरकारी जमीन है, आप शांति रखो।
विधायक: सरकारी जमीन का पता नहीं, इसके तो लोगों के पास हजारों वर्षों से पट्टे हैं।
तहसीलदार: जमीन सरकारी है, अतिक्रमण हटाया जाएगा।
तहसीलदार गजानंद मीणा ने कहा कि करीब 12 बीघा बेशकीमती भूमि राजस्व रेकॉर्ड में दर्ज है। जिस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कॉलोनी काट दी। स्थानीय लोगों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, लेकिन विधायक ने राजकार्य में बाधा डाली और दस्ते को धमकाया। जेल भेजने जैसी कोई बात मैंने नहीं कही है।
विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा कि यहां कई लोगों के पास पट्टे हैं और कई लोगों के कोर्ट केस चल रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई की सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा।तहसीलदार ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ अशोभनीय व्यवहार करते हुए जेल भेजने की धमकी दी। मैंने कलक्टर से बात कर गरीब लोगों के घर तोड़ने को लेकर आपत्ति जताई है।
इस दौरान कॉलोनी में बने निर्माणाधीन मकान,ग्रेवल सड़क आदि को ध्वस्त किया गया। यह भूमि रानी की बीड के नाम से जानी जाती रही है, राजस्व रेकॉर्ड में ग्रास फार्म के नाम से अंकित है। पक्के बने मकानों को जब तोड़ा जा रहा था तो महिलाएं विरोध स्वरूप जेसीबी के सामने आ गई, जिन्हें समझाकर हटा दिया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान नायब तहसीलदार हनुमान सहाय, थानाधिकारी भगवान सहाय सहित पुलिस व प्रशासन का जाब्ता तैनात रहा। आरएसी के जवान भी तैनात रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन्होंने भोले-भाले लोगों को एग्रीमेंट के नाम पर सरकारी जमीन बेची, अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि वे दूसरी जगह ऐसी हरकत नहीं करें। मुकेश बैरवा ने बताया उसने एग्रीमेंट से जमीन करीब पांच लाख रुपए में खरीदी थी, अब मकान बनवा रहा था, लेकिन बीच में ही उसे तोड़ दिया।
Published on:
02 Feb 2026 05:53 pm

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