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दौसा. नवरात्र विशेष: महाकाली के दर्शनोंं से होती है हजारों लोगों के दिन की शुरुआत

जन-जन की आस्था का केंद्र है लालसोट का महाकाली मंदिर
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दौसा. नवरात्र विशेष: महाकाली के दर्शनोंं से होती है हजारों लोगों के दिन की शुरुआत

लालसोट. नवरात्र की पूर्व संध्या पर रोशनी से जगमगाता महाकाली मंदिर।

दौसा. लालसोट. शहर के कोथून रोड पर स्थित महाकाली मंदिर शहर का प्रमुख आराध्य स्थल है और हजारों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र भी है। महाकाली मंदिर लालसोट क्षेत्र के लोगों में जुड़ाव का अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंदिर में माता के दर्शनों एवं पूजा अर्चना के लिए सुबह चार बजे से भक्तों की आवाजाही शुरू हो जाती है और यह क्रम देर रात्रि तक जारी रहता है।

शहर में हजारों लोग ऐसे भी है जो कि अपने दिन की शुरुआत मंदिर में पहुंच कर माता के दर्शनों के साथ करते है और रात्रि को अपन सभी काम धाम निपटने बाद एक बाद दुबारा मंदिर जाकर माता के चरणों में शीश झुकना भी नहीं भूलते हैं। यह क्रम कोई एक दो नही अपितु हजारोंं लोगों का है जो कि सर्व समाज से होते है। मंदिर में होने वाली आरती के दौरान प्रतिदिन दर्जनों महिला पुरुषों की भीड़ जमा रहती है और आरती के ऊचे स्वर किसी भी आने वाले का ध्यान खींच लेेेते हैं।

महाकाली मंदिर के पीठाधीश्वर महंत बनवारीलाल व्यास के अनुसार महाकाली प्रतिमा की स्थापना करीब एक हजार दौ सौ वर्ष पूर्व होने की जानकारी है, उनकी तीसरी पीढी लगातार महाकाली मंदिर की पूजा कर रही है,करीब 100 साल पूर्व तक यहां विहान जंगल हुआ करता था, उनके पूवर्ज श्योप्रसाद व्यास ने पूजा अर्चना करना शुरू किया, उसके बाद उनके पिताजी स्व. रामजीलाल व्यास ने पूजा अर्चना संभाली, करीब 40 वर्ष मंदिर का जीर्णाद्धार किया गया, जिसके बाद से ही लगातार माता की महिमा लगातार बढती ही जा रही है। महाकाली मंदिर में हर वर्ष महाकाली सेवा समिति के तत्वावधान में नवरात्रा महोत्सव का आयोजन होता है,इस दौरान नवरात्रा स्थापना से लेकर विजय दशमी तक पूरे मंदिर को शानदार ढंग से सजाया जाता है।

शहर के प्रमुख लोगों के मागदर्शन में महाकाली सेवा समिति के सदस्य मंदिर को कई दिनों पूर्व ही मंदिर की सजावट में जुटे रहते हंै।

आरती से वातावरण भक्तिमय नवरात्र महोत्सव के प्रतिदिन शाम सात बजे महाआरती में शहर के सैकड़ों महिला पुरुष शामिल होते हैं और करीब आधा घंटे की इस आरती में पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। आरती के बाद प्रतिदन भजन संध्या एवं प्रसादी वितरण का भी आयोजन होता है। क्षेत्र के सैकड़ों परिवार जो कि काम काज की तलाश में महाराष्ट्र, गुजरात, पं. बंगाल, दिल्ली एवं मध्यप्रदेश समेत देश के कई प्रांतों में जाकर बसने के बाद भी उनका इस मंदिर से जुड़ाव बना हुआ है। शहर के उपराला पाड़ा निवासी रमेश चंद उपाध्याय का परिवार तो हर वर्ष नवरात्रा महोत्सव के मौके पर यहां आ कर नवरात्रा करता है, इसके अलावा शहर के अधिकांश परिवार में किसी भी शुभ कार्य से पहले यहां आ कर माता के समक्ष शीश जरूर झुकाते हैं।