
Dausa pG. College... बिना अनुमति दौसा के पीजी कॉलेज में लगा दी मूर्ति, मचा हड़कम्प
दौसा.
पंडित नवलकिशोर शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कुछ छात्रों ने सोमवार शाम बिना अनुमति डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति लगा दी। इसमें काशीराम, डॉ. किरोड़ीलाल मीना व गोलमादेवी की भी तस्वीर है। मूर्ति लगाकर युवाओं ने नारे भी लगाए। पूरी घटना के दौरान कॉलेज प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
दौसा के कॉलेज परिसर में पंडित नवलकिशोर शर्मा राजकीय विज्ञान व वाणिÓय महाविद्यालय तथा राजकीय कला महाविद्यालय संचालित हैं। कला कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष हितेश्वर बैरवा ने समर्थकों के साथ पहुंचकर मूर्ति लगा दी।
बैरवा का कहना है कि छात्रों की मांग थी कि कॉलेज में मूर्ति लगाई जाए। ऐसे में उनकी मांग पूरी कर दी गई है। इस मामले में दोनों कॉलेजों ने चुप्पी साध ली। राजकीय विज्ञान व वाणिÓय महाविद्यालय के प्राचार्य एसडी गुप्ता ने बताया कि कला महाविद्यालय के छात्रों ने मूर्ति लगाई, उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं कला महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा ने बताया कि सभी लोग प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त थे। वैसे भी भवन विज्ञान व वाणिÓय कॉलेज का है। उन्हें कार्रवाई करनी चहिए। गौरतलब है कि हितेश्वर बैरवा ने गत वर्ष भी पोस्टर लगा दिया था।
अंग्रेजी विद्यालय में प्रवेश के लिए रुझान नहीं
दौसा जिला मुख्यालय पर करीब सात दशक से संचालित राजकीय उ"ा माध्यमिक विद्यालय रेलवे स्टेशन (रेलवे स्कूल) को अचानक सरकार ने अंग्रेजी माध्यम का कर दिया। वर्तमान सत्र से ही कक्षा 1 से 8 तक का संचालन किया जा रहा है। कक्षा 9 से 12 का संचालन भी प्रत्येक वर्ष एक-एक कर बढ़ता जाएगा। ऐसे में सरकार ने 1527 छात्र संख्या वाले भरे-पूरे रेलवे स्कूल को बंद कर अंग्रेजी माध्यम का स्कूल संचालित कर दिया, जिसमें अभिभावक अपने ब"ाों का प्रवेश कराने को तैयार नहीं हो रहे। प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 27 जून है, लेकिन अब तक मात्र 39 आवेदन ही प्रवेश के लिए आए हैं। इतनी कम संख्या में आवेदन आने से स्पष्ट है कि फिलहाल अभिभावकों का रुझान अंग्रेजी माध्यम की सरकारी स्कूल की ओर नहीं है।
30-35 विद्यार्थी प्रति कक्षा रखने की है सोच
नवस्थापित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 5 तक 30 तथा 6 से 8 तक 35 सीटें प्रति कक्षा रखने के आदेश जारी किए। अधिक आवेदन आने पर 28 जून को लॉटरी निकालने की बात कही। अब आठवीं तक में ही प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का टोटा है तो बड़ी कक्षाओं में अचानक हिंदी माध्यम के विद्यार्थी का अंग्रेजी माध्यम में आने की संभावना बहुत कम रहेगी।
रुझान नहीं होने का ये कारण
अंग्रेजी माध्यम में प्रवेश के लिए रुचि नहीं दिखाने के पीछे जानकारों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर तबके के विद्यार्थी पढ़ते हैं। उनके घर व आसपास का माहौल अंग्रेजी माध्यम का नहीं है। उन्हें हिंदी माध्यम में ही पढ़ाने में शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि घर पर परिजन परिस्थितियों के कारण ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में अभिभावक ब"ाों को हिंदी माध्यम में ही रखना चाहते हैं।
इंटरव्यू की तारीख पर भी आपत्ति
अंग्रेजी विद्यालय के लिए 26 जून को वरिष्ठ अध्यापक 6 पद अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अध्यापक लेवल-2 के 2 पद अंग्रेजी व गणित, अध्यापक लेवल 1 के 5 पद तथा कम्प्यूटर शिक्षक के 1 पद के लिए साक्षात्कार होगा। इसी दिन आरएएस की परीक्षा होने के कारण कई शिक्षक उसमें भाग लेंगे। अब शिक्षकों का कहना है कि निदेशालय ने इंटरव्यू के लिए 26 व 27 जून तय किए थे, लेकिन दौसा में शिक्षकों के लिए सिर्फ 26 को ही इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। आरएएस की परीक्षा को देखते हुए 27 जून को भी इंटरव्यू रखने की मांग शिक्षक कर रहे हैं।
दौसा. राÓय सरकार ने प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में खोल दिए, लेकिन इसमें प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में रुझान नहीं है।
दौसा जिला मुख्यालय पर नामांकन की दृष्टि से सबसे बड़े स्कूल को अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित कर शिक्षा विभाग ने सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में डाल दिया। अब अंग्रेजी विद्यालय में भी प्रवेश के लिए आवेदनों का टोटा होने से सरकार की इस योजना पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
Published on:
25 Jun 2019 07:25 am
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