लालसोट. डिडवाना कस्बे की डूंगरी ढाणी में तुलसी का ठाकुरजी के साथ विवाह संपन्न हुआ। इस मौके पर जिले के खानपुर गांव से ठाकुर जी बारात लेकर पहुंंचे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तुलसी व ठाकुर जी के पाणिग्रहण संस्कार भी संपन्न हुआ। आयोजन को लेकर पूरे डिडवाना कस्बे के ग्रामीणों में काफी जोश व खुशी नजर आई और हजारों ग्रामीण तुलसी व ठाकुर जी के पाणिग्रहण संस्कार के गवाह भी बने। खानपुर गांव के ठाकुर जी की बारात बुधवार दोपहर डिडवाना कस्बे में पहुंची, जहां झूला चौक पर बारातियों का स्वागत व मनुहार की गई।
बाद में गाजे बाजे के साथ ठाकुर जी की बारात डूंगरी ढाणी के लिए रवाना हुई। जगह जगह बारातियों का स्वागत किया गया। बैंड बाजे की धुन पर बाराती जमकर नाचे और खूब जयकारे भी लगाए। डूंंगरी ढाणी पर पहुंचने पर बारात की अगवानी की गई। जिसके बाद पं. गजेन्द्र शास्त्री एवं राधामोहन मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पाणिग्रहण संस्कार की रस्म पूरी कराई। भोजन कराने के बाद बारातियों व ठाकुरजी को विदा किया गया। ग्रामीणों ने बढ चढ कर कन्यादान की रस्म को भी निभाया।
सज-धज कर ब्याह रचाने गए ठाकुरजी
लवाण. ग्राम पंचायत खानपुरा में हरियाणा बा्रह्मण समाज ने ठाकुरजी सज धजकर तुलसी से विवाह रचाने के लिए हिन्दू रीति रिवाज से निकासी के बाद बैंड बाजों की धुन के साथ गाड़ी में बैठकर डिडवाना लालसोट के लिए रवाना हुए। इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गाती रही, वहीं पुरुष भी रामधुनी करते नजर आए। युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की। लड़कियों ने डीजे कि धुन पर नृत्य किया। दो दर्जन से अधिक गाडिय़ों में बैठकर ग्रामीण ठाकुरजी कि बारात में गए। इससे पहले ठाकुरजी को स्नान, पंचामृत से अभिषेक व नए वस्त्र धारण कर विवाह के लिए रवाना किया। ठाकुरजी की बारात में प्रत्येक घर से दो-दो महिलाएं व दो-दो पुरूष बारात में गए। ग्रामीणेां ने बताया कि ऐसे आयोजनों से एकता व भाई चारा बना रहता है।