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बांदीकुई।राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को दो दिवसीय साहित्य सृजन और पर्यावरण संरक्षण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। इसका उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि 79 फीसदी विकसित देश विकासशील देशों में प्रदूषण फैला रहे हैं। प्रकृति का दोहन होने से पर्यावरण असंतुलित होता जा रहा है। जंगलों से पेड़ों की कटाई एवं खनन कर पहाड़ों को खाली किया जा रहा है। यह देश के हित में नहीं है। खेतों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरक व दवाओं का अधिक उपयोग करने से जमीन की कोमलता खत्म हो रही है। मनुष्य कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने लगा है। ऐसे में गांव-ढाणी तक आमजन में जागरूकता लाकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए।
विधायक डॉ. अलकासिंह गुर्जर ने कहा कि साहित्य समाज को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे आकर पर्यावरण के प्रति आमजन में चेतना लानी होगी। जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हेतू भारद्वाज ने कहा कि साहित्य सृजन का मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण है। साहित्य रचना का केन्द्र मनुष्य और उसे सुरक्षित रखने वाला पर्यावरण है। सभी भाषाओं के साहित्य में जितना महत्व मानव को मिला है उतना ही प्रकृति को। इस दौरान पंजाब विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जयप्रकाश ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह में विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष एस.एन.शाहरा, केदारप्रसाद मीना, भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेन्द्रमोहन तिवाड़ी व समाजसेवी मूलचंद विजय थे। प्राचार्य प्रो.प्यारेलाल ने संगोष्ठी के उददेश्यों पर प्रकाश डाला। मंच संचालन प्रो. सुनीता विजय ने किया।
प्राचीन साहित्य पर हुए व्याख्यान
संगोष्ठी का प्रथम सत्र दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक चला। इसमें मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के डॉ. के.एन. तिवारी एवं मुख्य वक्ता डॉ. बीना शर्मा अजमेर ने प्राचीन साहित्य व पर्यावरण चेतना पर व्याख्यान दिए। अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के प्रो. अनिल जैन व संयोजन राजकीय महाविद्यालय किशनगढ़ के डॉ.शिवदत्त कविया ने की।
पत्रवाचन गंगानगर के नवजोतसिंह भानोत ने किया।
आयोजन समिति सचिव डॉ. सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी में सवा पांच सौ व्याख्याता व शोध छात्रों ने पंजीयन कराया। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह आठ से साढ़े नौ बजे तक द्वितीय सत्र में आधुनिक साहित्य में पर्यावरण विषयक चिंतन, दोपहर साढ़े ग्यारह से डेढ़ बजे तक तृतीय सत्र में पर्यावरण विषयक विसंगतियां और आधुनिक जीवन पर व्याख्यान होंगे। दोपहर पौने दो से तीन बजे तक समापन सत्र होगा।
महिला कॉलेज की मांग, ज्ञापन सौंपा
सिकंदरा ञ्च पत्रिका. क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओ ने मंगलवार को जिला प्रभारी मंत्री अरुण चतुर्वेदी को जयपुर से बंादीकुई जाते समय ज्ञापन सौंपकर सिकंदरा में महिला कॉलेज खोलने की मांग की। मंडल अध्यक्ष रामवतार कसाना के नेतृव में मंत्री को दिए ज्ञापन में बताया कि कॉलेज के अभाव में क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। सरकार ने भी सिकंदरा में महिला कॉलेज के लिए घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्यकर्ताओं ने सिकंदरा में आगामी सत्र मे महिला कॉलेज खुलवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री मुकेश बासड़ा, हरिङ्क्षसह नेता, मंडल मंत्री रामङ्क्षसह गंावड़ी, धर्मङ्क्षसह कसाना, हनुमान शर्मा, राजेश, सुरेश सैनी, कुम्भाराम सहित दर्जनो ग्रामीण मौजूद थे।
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