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डाइट को तीन साल बाद भी नहीं मिली मान्यता

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बसवा डाइट

डाइट को तीन साल बाद भी नहीं मिली मान्यता

बांदीकुई. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसवा के एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फोर टीचर एजूकेशन) द्वारा तीन साल बाद भी स्थाई मान्यता नहीं मिल पाई है। ऐसे में तीन वर्ष से बीएसटी (सेवा पूर्व शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम) में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।


मजबूरन दौसा जिले के छात्रों को अन्य जिलों में संचालित डाइटों में प्रवेश लेकर प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। हालांकि डाइट की ओर से सभी मापदण्ड पूरे कर मई एवं नवम्बर 2018 में फाइल बनाकर मंजूरी के लिए उत्तर क्षेत्रीय परिषद कार्यालय दिल्ली भेज दी गई, लेकिन अभी तक जांच दल ने मौके पर आकर सत्यापन नहीं किया है, लेकिन चालू सत्र में मान्यता नहीं मिलने से जिले के छात्र प्रशिक्षणार्थियों की उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया है।


ऐसे में जिस तरीके से फाइल चल रही है उसके हिसाब से वर्ष 2019 में भी मान्यता मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। ऐसे में अगले सत्र में भी बैच आवंटित होता दिखाई नहीं दे रहा है। अब डाइट प्रशासन मात्र सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण, आठवीं एवं पांचवी बोर्ड परीक्षाएं, विद्यालयों का निरीक्षण एवं सूचनाए सम्प्रेषण का कार्य करने तक ही सिमटकर रह गई है। यदि बीच सत्र में भी मान्यता मिल जाए तो अन्य जिलों में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षाणार्थी चालू सत्र में भी बसवा डाइट में स्थानान्तरित कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

मापदण्ड भी कर लिए पूरे


एनसीटीई की ओर से स्थाई मान्यता के लिए दो हजार वर्ग मीटर निर्मित भवन का क्षेत्रफल आवश्यक है। इसके लिए डाइट की ओर से करीब 2096 वर्ग मीटर परिक्षेत्र में भवन का निर्माण भी करवा दिया गया है। एनसीटीई के नियमों के मुताबिक यहां बीएसटीसी की100 सीटें आवंटित हो सकती हैं, लेकिन मान्यता नहीं मिलने से डाइट में भी सन्नाटा पसरा रहता है। कुछ कर्मचारी तो काम के अभाव में ठाले बैठकर तक लौट जाते हैं।


क्या है मामला


सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2003-2004 से बीएसटीसी अभ्यर्थियों का डाइट में प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रत्येक वर्ष में 50 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त करते आए हैं। वर्ष 2015 तक करीब साढ़े सात सौ विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके, लेकिन जनवरी 2016 में स्थाई मान्यता की फाइल निरस्त होने पर बीच सत्र में ही छात्रों को अन्य डाइटों में स्थानान्तरित करना पड़ा। जबकि 2016 से डाइट को बैच आवंटित करना बंद कर दिया। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों की ओर से कई बार विरोध भी जता चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

मंजूरी के लिए भेज दी फाइल


पहले भवन पर्याप्त नहीं होने से मान्यता नहीं मिल पाई, लेकिन अब मापदण्ड से भी अधिक क्षेत्र में भवन बनकर तैयार है। गत 25 मई को एनसीटीई एवं 25 जुलाई एवं 22 नवम्बर को क्षेत्रीय परिषद को फाइल मंजूरी के लिए भेजी हुई है। जहां मान्यता से जुड़ा मामला लम्बित पड़ा है। उम्मीद है कि जनवरी 2019 में दल आकर भौतिक सत्यापन करेगा। इसके बाद ही मान्यता मिल सकेगी।
राजेन्द्र भारद्वाज, प्रधानाचार्य डाइट बसवा