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तौकते का असर, – दौसा में साढ़े चार इंच से अधिक बरसा पानी

वैशाख में सावन सा अहसास, जिले में दिनभर चलता रहा बरसात का दौर

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दौसा

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Mahesh Jain

May 19, 2021

तौकते का असर, - दौसा में साढ़े चार इंच से अधिक बरसा पानी

तौकते का असर, - दौसा में साढ़े चार इंच से अधिक बरसा पानी

दौसा. जिले में चक्रवाती तूफान तौकते की आहट से पहले बुधवार को भी दिनभर बरसात का दौर चलता रहा। आकाश में दिनभर घने काले बादलों की घटा छाई रही। कई बार तो बादलों से दिन में ही अंधेरा सा नजर आ रहा था। चौतरफा बरसात से जिलेभर में चारों ओर पानी ही पानी हो गया। जिला मुख्यालय सोमवार रात से ही बारिश का दौर जारी रहा जो बुधवार शाम तक बना रहा। बुधवार शाम तक दौसा में 112 एमएम (साढ़े चार इंच) से अधिक बरसात दर्ज हो गई। मई महीने की भीषण गर्मी में बरसात से हुई ठण्ड ने लोगों के धूजणी लगा दी। तापमान का पारा काफी नीचे आ गया। इधर चक्रवात तौकते को देखते हुए जिलेभर में आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी दिनभर सतर्क रहे। हालांकि दोपहर तक जिले में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर सुबह आठ बजे तक बीते चौबीस घंटों में 110 एमएम, तहसील कार्यालय पर लगे वर्षामापी यंत्र में 112 एमएम, रेडिया बांध पर 24, बांदीकुई में 48, सिकराय में 41, महुवा में 64, मोरेल बांध पर 63, राहुवास बांध पर 50, लालसोट में 46, सैंथल सागर पर 68, बसवा में 28, महुवा तहसील में 64, राहुवास में 50, लालसोट तहसील के वर्षामापी में 43, रामगढ़पचवारा तहसील में 65, लवाण में 69 व नांगलराजावतान तहसील पर लगे वर्षा मापी यंत्र में 72 एमएम बारिश दर्ज की गई।


दिनभर सहमे रहे लोग
चक्रवाती तूफान तौकते के जिले में बुधवार को प्रवेश करने की चेतावनी के बाद सुबह से ही जिलेभर में लोग सहमे रहे। सुबह से ही बारिश का दौर शुरू होने से लोगों को आशंका थी कि पता नहीं कब तूफान आ जाए। प्रशासन की चेतावनी के बाद लोगों में तौकते तूफान को लेकर भय बैठा हुआ था। लोग अपने आप को सुरक्षित स्थान पर रखे हुए थे। ग्रामीण इलाकों में लोगों ंने मंगलवार रात से ही सुरक्षित जगह पर चले गए। पालतू पशुओं को भी बाहर पेड़ों के नीचे रखने की बजाय अन्दर बांध दिया था। लोग घरों से बाहर बहुत ही कम निकल रहे थे।


सड़कें लबालब, नाले उफान पर
जिले में बुधवार को झमाझम बारिश से चारों ओर पानी ही पानी भर गया। सर्वाधिक बरसात जिला मुख्यालय में होने के कारण कॉलोनी व मोहल्लों के रास्तों में पानी भर गया। सडक़ों का पानी नालियों में उफान मार रहा था। मंडी रोड का हाल-बेहाल हो गया। इसी तरह अन्य मोहल्लों में भी कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो गया। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में खेतों एवं रास्तों में पानी भर गया। ऐसा लग रहा था कि आषाढ़ के महीने में मानसूनी बारिश हो रही है।

दोपहर में कुछ देर रुकी

जिला मुख्यालय पर बुधवार तडक़े से ही बारिश का क्रम बना रहा। दोपहर करीब बारह बजे कुछ देर के लिए बारिश रुकी, लेकिन बीच-बीच में बूंदें गिरती रही। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे तेजगति से बारिश होने से फिर सडक़ों पर पानी-पानी हो गया। निचले इलाकों में बारिश से हाल-बेहाल हो गया। दिनभर हुई बरसात से लोगों के मकानों की छतों एवं कच्चे घरों की छतों से पानी टपकने लग गया।

बिजली कटौती ने किया परेशान

जिलेभर में बरसात होने से मंगलवार रात से ही ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती शुरू हो गई। कई इलाकों में तो बुधवार को भी दिनभर बिजली कटौती हुई। इससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां तक की लोगों को मोबाइल चार्ज करने तक में भी परेशानी हो रही थी। वहीं अंधेरे का भी सामना करना पड़ रहा था।