दिन प्रतिदिन गिरते जा रहे जलस्तर के कारण आज किसानों को परंपरागत खेती करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महुवा के रौत हड़िया निवासी किसान कपिल सिंह परंपरागत खेती से दूर हटकर बेर का बगीचा लगाकर लाखों रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं।
दौसा/महुवा। दिन प्रतिदिन गिरते जा रहे जलस्तर के कारण आज किसानों को परंपरागत खेती करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महुवा के रौत हड़िया निवासी किसान कपिल सिंह परंपरागत खेती से दूर हटकर बेर का बगीचा लगाकर लाखों रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं।
एप्पल नाम से जाने जाते हैं:
सिंह ने बगीचा लगाने का विचार किया और ग्राम सेवक के सहयोग से उन्होंने अपनी चार बीघा जमीन में बेर के पौधे लगाए। उन्होंने पौधे जोधपुर से मंगवाए थे। जो एप्पल नाम से जाने जाते हैं। चार साल साल बाद आज पौधे फल देने लगे हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपए की आमदनी हो रही है। उनके बगीचे को देखने के लिए दूरदराज से लोग आते हैं। और उनसे प्रेरणा लेकर अन्य किसान भी बगीचे लगाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उनके बगीचे में लगाए गए एप्पल क्वालिटी के बेर दिल्ली, भरतपुर, जयपुर सहित दूरदराज के क्षेत्र में जाते हैं।
खाली जगह से हो रही है एक्स्ट्रा आय:
कपिल ने बताया कि बगीचे में खाली जगह पर उन्होंने कटहल, नींबू तथा आंवले के पेड़ लगाए हैं। वही बेर के पेड़ों के नीचे वो पालक, हल्दी तथा धनिया लगाकर आय को बढ़ा रहे हैं। वह अपनी दूसरी जमीन पर भी इसी तरह बगीचे लगाने के लिए कृषि अधिकारियों से विचार विमर्श कर रहे हैं।
शुरुआत के दिनों में आई थी परेशानी:
शुरुआत के दिनों में उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि जानकारी के अभाव में लगाए गए बेर के पौधे नष्ट हो रहे थे। फिर ग्रामसेवक की सहायता से उन्होंने उनमें दवाओं का छिड़काव किया तथा नष्ट हुए पौधों की जगह दूसरे पौधे लाकर लगाएं। वहीं उन्होंने पौधों की सुरक्षा की दृष्टि से सरकार से अनुदान के लिए फाइल भी लगाई थी। लेकिन उनकी फाइल को रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने स्वयं के खर्चे से पेड़ों की सुरक्षा कर बाग खड़ा कर दिया।