
बांदीकुई. वन क्षेत्र भाण्डेड़ा में अचानक आग लग गई। यह आग कुछ ही देर में तेज लपटों में तब्दील हो जाने से काफी बड़े वन क्षेत्र में फैल गई। करीब एक घण्टे की मशक्कत कर वनकर्मियोंने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। सूत्रों के मुताबिक अपरान्ह करीब तीन बजे अचानक जंगल में आग लग गई। यह आग भाण्डेड़ा, हरिपुरा एवं आस-पास की ढाणियों की ओर बढ़ रही थी। इस पर लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। गांव के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मिटटी खुदाई कर परातों से आग पर डालकर बुझाना शुरू कर दिया। जहां करीब डेढ़ घण्टे की मशक्कत करने पर साढ़े चार बजे आग पर काबू पाया गया। इससे करीब 10 बीघा वन क्षेत्र में हरियाली जलकर नष्ट हो गई।
वहीं काफी मात्रा में पेड़ जल गए। तपन को देखकर वन्य जीव भी भागते दिखाई दिए। आए दिन वन क्षेत्र में आग लगने से वन विभाग के लिए भी जंगल को सुरक्षित रखना मुश्किल होता दिखाई दे रहा है। क्षेत्रीय वन अधिकारी कर्णसिंह ने बताया कि वन क्षेत्र समीप एक खेत में कचरा जल रहा था।
जहां हवा चलने पर कोई चिंगारी उडक़र जंगल की ओर आ गई। यह चिंगारी सुलगने से आग फैलती चली गई। जो कि काफी बड़े क्षेत्र में फैल गई। सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे। जहां आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। खास बात यह है वन क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता नहीं होने के कारण दमकल का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ऐहतियात के तौर पर सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग को आवाजाही के रास्ते की समुचित सुविधा रखनी चाहिए।
एक सप्ताह में दूसरी घटना
गत 25 फरवरी को भी सिकंदरा रोड क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय के पिछवाड़े में स्थित वन क्षेत्र में भी अचानक आग लग गई थी। जो कि करीब 10 किलोमीटर परिक्षेत्र में फैल गई। इससे काफी मात्रा में पेड़-पौधे व घास-फूस जलकर राख हो गई, लेकिन इसके बावजूद भी वन विभाग की ओर से बढ़ते तापमान में जंगल में आग लगने की घटनाओं की कोई रोकथाम के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी भाण्डेडा वन क्षेत्र में दो बार आगजनी की घटना हो चुकी है, लेकिन इन घटनाओं के होने के बाद भी वन विभाग की ओर से वन क्षेत्र के चारों ओर ना तो कोई चारदीवारी कराई जा रही है और ना ही जंगल में पानी एवं रास्ते की व्यवस्था की जा रही है।
वन्य जीवों की सुरक्षा को भी खतरा
बताया जा रहा है कि पहले ही पानी की कमी के चलते वन क्षेत्र से हरियाली पूरी तरह नष्ट होती नजर आ रही है। इसमें भी वन क्षेत्र में आग लगने से वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर खतरा मण्डराता दिखाई दे रहा है। इससे वन्य जीव आबादी क्षेत्रों की ओर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में वन विभाग को आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के प्रयास करने चाहिए। लोगों का कहना है कि कई बार धुम्रपान कर लोग फैंक जाते हैं। जो कि सिलगकर बड़ी आग का रूप ले लेती है।
Published on:
03 Mar 2018 05:49 pm
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