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दौसा

तम्बाकू की बढ़ती लत: राजस्थान में प्रतिवर्ष 22 हजार 144 करोड़ के तम्बाकू का सेवन

निरोगी राजस्थान कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में खुलासा, 1.21 करोड़ लोगों के सेवन करने का अनुमान

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दौसा. निरोगी राजस्थान कार्यक्रम के तहत तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के तहत जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं एसआरकेपीएस राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वर्ष 2019-2021 के मध्य हुए एक अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि दौसा जिले में 2 लाख 86 हजार 174 लोग प्रतिशत करीब 522 करोड़ के तम्बाकू उत्पादों का सेवन कर लेते हैं। यह खर्च प्रतिदिन के हिसाब से 1 करोड़ 30 लाख 86 हजार 50 रुपए तथा प्रतिमाह करीब 43 करोड़ है। प्रदेश में दौसा जिला 21वें नंबर पर है। वहीं राजस्थान में कुल तम्बाकू उपभोगकर्ता 1.21 करोड़ तथा प्रतिवर्ष का खर्च 22 हजार 144 करोड़ रुपए माना गया है। कार्यशाला में तम्बाकु मुक्त दौसा बनाने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई तथा होने वाले नुकसानों से अवगत कराया।


इस दौरान उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने तम्बाकू उत्पादों के हानिकारक प्रभावों से अवगत कराते हुए समाज में इन उत्पादों के नुकसान के प्रति जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादन एक्ट 2003 के प्रभावी एवं नियमित क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से कार्य करने पर बल दिया। कार्यशाला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक रामजीलाल मीणा ने कहा कि तम्बाकू उत्पादों के प्रयोग को स्वयं भी ना करें और अन्य व्यक्तियों को भी इनके दुष्प्रभावों के बारे में अवगत कराते हुए छुड़वाने के लिए प्रेरित करें।


कार्यशाला में एसआरकेपीएस राजस्थान के समन्वयक राजन चौधरी ने बताया कि तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के प्रथम चरण में शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त किया जाना है, ताकि युवा पीढ़ी को तम्बाकू से दूर रखा जा सकें। दूसरे चरण में तम्बाकू मुक्त कार्यालय, तृतीय चरण में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री लाइसेन्स लेने वाला तथा ग्राम पंचायत अन्तिम चरण में रहेगा।


इस साल 18 हजार 112 चालान
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण के तहत तम्बाकू मुक्त दौसा बनाने के लिए गत अप्रेल से इस वर्ष फरवरी तक जिले में कुल 18 हजार 112 चालान किए गए हैं। तम्बाकू निषेध के लिए 1492 लोगों को काउंसलिंग, 769 उपभोगियों को दवा, 479 नारा लेखन, 390 स्कूलों में कार्यक्रम तथा 1909 सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।

ये है कानून
– सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध है, उल्लंघन करने पर 200 रुपए तक जुर्माना
– तम्बाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन, प्रायोजन व प्रोत्साहन निषेध।
– 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित।
– शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज (300 फीट) की परिधि में तम्बाकू उत्पाद नहीं बेचा जा सकता।
– तम्बाकू उत्पाद के मुख्य भाग पर 85 प्रतिशत चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी होनी चाहिए।