scriptHappy on the announcement of withdrawal of agricultural laws, sweets d | कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खुशी, बांटी मिठाई | Patrika News

कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खुशी, बांटी मिठाई

किसान नेताओं ने बताया आंदोलन की जीत

दौसा

Updated: November 19, 2021 06:27:08 pm

दौसा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुक्रवार सुबह कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर जिले में किसानों सहित यूनियन पदाधिकारियों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। दिनभर किसान आंदोलन समर्थक सोशल मीडिया पर आंदोलन की जीत बताकर खुशी का इजहार करते रहे।
कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खुशी, बांटी मिठाई
कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खुशी, बांटी मिठाई

जिला मुख्यालय पर एटक यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांट कर ख़ुशी जाहिर की। राजस्थान बिजली वर्कर्स फैडरेशन के महासचिव केशव कुमार व्यास ने बताया कि एटक यूनियन किसान आंदोलन के समर्थन में खुलकर सक्रिय रही एवं समर्थन में मजदूर वर्ग को गोलबंद किया। खेड़ा शांहजाहपुर बॉर्डर पर सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन की सैद्धांतिक जीत और केंद्र सरकार के अहंकार की हार से एटक यूनियन से जुड़े कार्यकर्ता खुश हैं।

इस मौके पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसान और मजदूर वर्ग के साझा संघर्ष को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यकारी अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान जुमला भी हो सकता है, इसलिए संसद से कानून निरस्त होने तक सतर्क और एकजुट रहेंगे। जिला महासचिव रजनीश शर्मा ने किसान आंदोलन में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों का आभार जताया। इस दौरान महासचिव रोशन लाल मीना, मयंक खंडेलवाल, दिनेश सैनी, हरिराम महावर, पवन डूडी, संजय मीना, विद्याधर मीना, आर के मीना, लोकेश मीना, केआर जसटाना, शिवकांत शर्मा आदि थे।
इनका कहना है...

लोकतांत्रिक किसान सत्याग्रह के आगे सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं। मंत्रियों ने किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, मु_ीभर लोग, देशद्रोही इत्यादि कहा था, लेकिन अब सच स्वीकार करना पड़ा। किसान आंदोलन में भूमिका अदा करने वाले हर किरदार को बधाई। ये जीत आंदोलन के शहीदों को सच्ची श्रंद्धाजलि है।
- हिम्मतसिंह पाड़ली, किसान नेता
केंद्र सरकार की हठधर्मिता के कारण बीते एक साल से भी अधिक समय से काले कानूनों को निरस्त करने को लेकर चले रहे किसानों के अहिंसक आंदोलन के सामने आखिरकार सरकार को झुकना पड़ता है। यह किसानों की जीत है, लेकिन सरकार सही समय पर यह निर्णय लेती तो सैकड़ों किसानों का बलिदान नहीं होता।
सुरेन्द्रसिंह गुर्जर, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन

युवाओं ने मनाया जश्न
महुवा. कृषि कानूनों के वापस लेने की घोषणा पर युवा किसानों ने जश्न मनाकर मिठाइयां बांटी। बनवारी लाल मीणा ने बताया कि इतने दिन लंबे आंदोलन चलने के बाद मोदी सरकार ने काले कानून वापस ले लिए हैं। यह इससे किसान की जीत हुई है। पुष्पेंद्र सांथा ने बताया कि किसानों के सामने मोदी सरकार को झुकना पड़ा है। किसानों पर लगाए मुकदमे वापस लेने, संसद में कानून वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विक्रम सांथा, मुकेश, अजय रामगढ़, भगवान सहाय बावड़ी खेड़ा, जितेंद्र समलेटी ,सुरेंद्र शीमला, जितेंद्र मौजपुर आदि थे।
कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर खुशी, बांटी मिठाई

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोगशाहरुख खान को अपना बेटा मानने वाले दिलीप कुमार की 6800 करोड़ की संपत्ति पर अब इस शख्स का हैं अधिकारजब 57 की उम्र में सनी देओल ने मचाई सनसनी, 38 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ किए थे बोल्ड सीनMaruti Alto हुई टॉप 5 की लिस्ट से बाहर! इस कार पर देश ने दिखाया भरोसा, कम कीमत में देती है 32Km का माइलेज़UP School News: छुट्टियाँ खत्म यूपी में 17 जनवरी से खुलेंगे स्कूल! मैनेजमेंट बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकता बाध्यअब वायरल फ्लू का रूप लेने लगा कोरोना, रिकवरी के दिन भी घटेइन 12 जिलों में पड़ने वाल...कोहरा, जारी हुआ यलो अलर्ट2022 का पहला ग्रहण 4 राशि वालों की जिंदगी में लाएगा बड़े बदलाव
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.