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कोरोना का असर: चोरी-छिपे कर रहे व्यापार, पुलिस प्रशासन पहुंच करा रहे बंद

- प्रशासन की मूवमेंट पर रखी नजर, कई दुकानदारों ने घरों से चलाई दुकानें
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 20 Apr 2021, 6:14 PM IST

कोरोना कफ्र्यू का असर: चोरी-छिपे कर रहे व्यापार, पुलिस प्रशासन पहुंच करा रहे बंद

कोरोना का असर: चोरी-छिपे कर रहे व्यापार, पुलिस प्रशासन पहुंच करा रहे बंद

दौसा . 'अरे भाई जल्दी सामान खरीदो, नहीं तो कोई पुलिसवाला या फिर नगरपरिषद वाला आ जाएगा और दुकान सीज हो जाएगीÓ। यह बात मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित प्रत्येक छोटे-बड़े कस्बों के हर बाजार में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक, फर्नीचर व शादी से जुड़े हर सामान की दुकानों के आगे सुनने को मिल रही थी। जनअनुशासन पखवाड़े की गाइड लाइन में परचूनी, मेडिकल एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की दुकानों के अलावा सभी दुकानें बंद करने का आदेश हैं। इस वक्त सावों की भरमार है। ऐसे में बाजार में ग्राहकों की भरमार है। जबकि सरकार ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अनुशासन पखवाड़े के रूप में लॉकडाउन कर रखा है। ऐसे में चोरी-छिपे व्यापार चल रहा है।


जिला मुख्यालय पर मंगलवार दोपहर 12 से 2 बजे तक पत्रिका टीम ने शहर के नया कटला, मण्डी रोड, खादी भण्डार रोड, आगरा रोड आदि मुख्य बाजारों की स्थिति का जायजा लिया तो दुकानों के आगे लगे शटरों के तो ताले लटके मिले, लेकिन उनके आगे दुकान मालिक एवं ग्राहकों की आवाजाही देखी गई। मानगंज में दुकानों के आगे कोई दूल्हे के लिए कपड़े खरीदने वाला खड़ा था तो कोई दुल्हन का बेस लेने आया था। पुलिस एवं नगरपरिषद की सख्ती के कारण दुकान मालिक शटर पूरी तरह तो नहीं खोल रहे थे, लेकिन कई जगह दुकानों के शटर आधे खुले थे तो कहीं पर ताला नहीं लगा था। दुकानदार चुपके से दुकानों में ग्राहकों को लेकर सामान बेचते रहे। वहीं सुबह के समय भी कई लोगों ने व्यापार कर लिया।

ग्राहक बुलाने वाले के लिए भी अलग आदमी

बाजारों में दुकानदारों ने दुकानों के आगे शटर नीचे तक डाउन कर रखे थे। ऐसे में उनके यहां आने वाले ग्राहकों को दुकान खुली है या नहीं पता कैसे चले। इसके लिए जिन दुकानदारों के पास मुनीम है, उन्होंने तो मुनीमों को ग्राहक बुलाने के लिए रख रखा था और जिनके पास मुनीम नहीं थे उन्होंने अपने ही परिजनों को बाहर खड़ा कर रखा था। नया कटला में टीम ने तीन -चार दुकानदारों से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रशासन से अनुमति भी मांगी थी, लेकिन प्रशासन नहीं माना। ऐसे में उनके सामने इस रास्ते के अलावा कोई और चारा नहीं है।