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गोवर्धन पर इन्द्रदेव की लीला, बारिश के साथ गिरे ओले

दीपोत्सव पर किसानों को कुदरत का तोहफा
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 16 Nov 2020, 4:32 PM IST

गोवर्धन पर इन्द्रदेव की लीला, बारिश के साथ गिरे ओले

गोवर्धन पर इन्द्रदेव की लीला, बारिश के साथ गिरे ओले

दौसा. गोवर्धन पूजा के दिन इन्द्रदेव मूसलाधार बरसे। दौसा शहर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं तेज तो कहीं मध्यम दर्जे की बरसात हुई। दीपोत्सव पर कुदरत के इस तोहफे से किसानों के चहरे खिल उठे। बारिश के बाद सोमवार को किसान खेतों में जुटे नजर आए।

जिला मुख्यालय पर रविवार शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काली घटाएं छा गई और तेज बारिश का दौर चलता रहा। करीब एक घंटे तक जमकर बारिश हुई। इससे नाले ओवरफ्लो हो गए। सड़कों पर पानी बह निकला। कई जगह तो 1-2 फीट तक पानी जमा हो गया। त्योहार के दिन अचानक बारिश ने हर किसी को हतप्रभ कर दिया। दिवाली की रामा-श्यामा करने निकले लोग अटक गए। शहर में कई जगह बिजली भी गुल हो गई। घर के बाहर या खुले हिस्से में गोवर्धन पूजा की तैयारी कर रहे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी करीब छह बजे बूंदाबांदी थमने पर लोगों ने साफ-सफाई कर फिर से पूजन की व्यवस्था की। हवाओं के साथ आई बारिश की गति इतनी तेज थी कि घरों में पानी घुस आया। बारिश के दौरान दो बार बेर के आकार के ओले भी गिरे।


मंडी रोड का हाल-बेहाल

सड़क निर्माण की कछुआ चाल का दंश झेल रही नई मंडी रोड का बारिश से और हाल-बेहाल हो गया। यहां सड़क के लिए की गई खुदाई में बारिश का पानी भर गया। सड़क पर खड़ी बाइकें बह निकली। पैदल जाने तक का रास्ता नहीं रहा। स्थानीय लोग घरों में कैद होकर रह गए तथा प्रशासन को कोसते रहे। यहां प्रशासन की लापरवाही ने लोगों के त्योहार का मजा किरकिरा कर दिया। इसी तरह गांधी तिराहा, मानगंज, ओवरब्रिज के नीचे, सैंथल मोड़ सहित शहर में कई कॉलोनियों में पानी भराव होने से आवागमन के रास्ते अवरुद्ध हो गए।


खेत हुए तर, जगी आशा की किरण

मानसून सीजन में बारिश कम होने से इस बार कई किसानों ने पानी की कमी से बुवाई नहीं की थी, लेकिन अब बारिश से खेत तर हो गए। ऐसे में किसानों में आशा की किरण जाग उठी है। चने व तारामारी में पानी की आवश्यकता कम होने से किसान रुख कर रहे हैं। सहायक निदेशक कृषि अनिल शर्मा ने बताया कि जिन्होंने पूर्व में बुवाई कर दी और जो अब करेंगे, सभी किसानों को फायदा हुआ है। सरसों व चना बो देने वालों के खेत में पानी लग गया है। वहीं गेहूं का पलेवा हो गया है। कृषि अधिकारी सुरज्ञान सिंह ने बताया कि बारिश से अब बुवाई का क्षेत्र बढऩे की उम्मीद है। जिन किसानों के खेतों में पानी की वजह से बुवाई प्रभावित थी, वे अब बुवाई कर देंगे। बारिश ने फसल में पहला पानी डाल दिया है।