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लालसोट व सांभर-फुलेरा में बनेगा पहला मल ट्रीटमेंट प्लांट

4 करोड़ .70 लाख की लागत से बनेगा

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मल ट्रीटमेंट प्लांट

महेश बिहारी शर्मा
लालसोट. राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) व शहरी विकास मंत्रालय की ओर से लोगों को स्वस्थ व शहरों व कस्बों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन योजना 2017 के तहत लालसोट नगरपालिका क्षेत्र का चयन हुआ है। इसके तहत 35 से 40 हजार की आबादी वाले शहर में 4 करोड़ .70 लाख की लागत से प्रदेश में पहला मल ट्रीटमेंट प्लांट यानी मल जल उपचार संयत्र (एफएसटीपी) का निर्माण होगा।

तीन बीघा भूमि में बनने वाले इस प्लांट के लिए चांदसेन गांव में पालिका के कचरा संग्रहण केंद्र के पास ही भूमि का चयन किया जा चुका है और गत 12 अक्टूबर को आयोजित नगर पालिका बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव के बारे में अनुमोदन होने के बाद प्लांट निर्माण के लिए एनओसी जारी की जा चुकी है। इस योजना के तहत पायलेट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेशभर में मात्र दो ही कस्बों का चयन किया गया है। इसमें लालसोट के साथ सांभर-फुलेरा नगर पालिका भी शामिल है।

प्रदेश के पांच शहरों में इस प्लांट के लिए सर्वे किया गया था। जिसमें से सांभर-फुलेरा व लालसोट को इस योजना के लिए उपयुक्त पाया गया है। सांभर-फुलेरा में इस प्लांट के लिए फिलहाल धीमी गति से कार्य किया जा रहा है, जबकि लालसोट मेंं प्लांट के निर्माण की कार्य विधि गति पकड़ चुकी है। योजना की डीपीआर बना कर एशियन डवलपमेंट बैंक को भेज दी है। इस योजना के लिए बीएमजीएफ (बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउण्डेशन) द्वारा फंड उपलब्ध कराया जाएगा और प्लांट का पांच साल तक संचालन बीएमजीएफ द्वारा ही किया जाएगा।


डेढ़ आधा दर्जन वार्डों को मिलेगी सीवर लाइन की सौगात


राष्ट्रीय फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन योजना के तहत लालसोट शहर को सीवर लाइन की भी सौगात मिलेगी। इस योजना के तहत वार्ड 1, 2, 7, 8, 9, 10, 19,20, 21, 22, 23, 24 व 25 वार्ड में सीवर लाइन डाले जाना भी प्रस्तावित है। इन वार्डों में सीवर लाइन डालने से जहां खुले में शौच व शहर में दर्जनों की संख्या में खुले शौचालयों से भी छुटकारा मिल सकेगा।

योजना के तहत इन वार्डों में सीवर लाइन डालकर वहां कुछ जगहों पर कम्यूनिटी सेफ्टी टैंक का निर्माण होगा।जहां से मल को प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। सीवर लाइन डालने के लिए योजना से जुड़े अधिकारियों का एक दल गत दिनों इन वार्डों में जा कर मौका भी देख चुका है।
पालिका के लिए बनेगा आय का जरिया एफएसटीपी प्लांट पालिका के लिए आय का भी जरिया बनेगा। प्लांट में मल को उपचारित करते हुए जैविक खाद का निर्र्माण होगा।जिसे बेचान करने से पालिका को आय भी होगी।


तीन साल में खाली होगा सेफ्टी टैंक
एफएसटीपी प्लांट के निर्माण के बाद शहर में सेफ्टी टैंक सफाई करने वालों को लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके बाद शहर के प्रत्येक सेफ्टी को तीन साल के नियमित अंतराल के बाद सफाई करते हुए मल को प्लाट तक पहुंचाया जाएगा। सबसे अहम बात यह भी है कि अब तक सेफ्टी टैंक सफाई करने के नाम पर मोटी रकम खर्च होने के बजाए इस राशि को पानी के बिलों में जोड़कर भेजी जाएगी।


बिजली का उपयोग नहीं होगा
एफएसटीपी प्लांट की एक बड़ी खूबी यह भी है कि इसमे बिजली का उपयोग नहीं होगा। प्लांट में प्रकाश के लिए भी बिजली कनेक्शन के बजाए सौलर प्लांट ही लगाया जाएगा।


मार्च तक शुरू होगा निर्माण कार्य
पालिका के ईओ श्यामलाल जांगिड़ ने बताया कि एफएसटीपी प्लांट के लिए बिड फाइनल हो चुकी है। दिसम्बर माह में निविदा प्रक्रिया शुरू होकर जनवरी में पूरी होगी और मार्च माह तक कार्य शुरू हो जाएगा। प्लांट छह माह बनकर तैयार होगा।


विकास में अहम कड़ी होगा साबित
पालिका के चेयरमैन जगदीश सैनी ने बताया कि एफएसटीपी प्लांट लालसोट के विकास में अहम कड़ी साबित होगा, प्लांट के निर्माण के बाद शहर में और अधिक स्वच्छ व सुंदर रखने में काफी मदद मिलेगी।