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लालसोट पंचायत समिति: बीस ग्राम पंचायतों की कमान युवा सरपंचों के हाथों में

- युवा सरपंचों ने कहा, लिखेंगे विकास की नई इबारत

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लालसोट पंचायत समिति: बीस ग्राम पंचायतों की कमान युवा सरपंचों के हाथों में

लालसोट पंचायत समिति: बीस ग्राम पंचायतों की कमान युवा सरपंचों के हाथों में




दौसा. लालसोट क्षेत्र की 37 ग्राम पचंायतों में से बीस ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों ने इस बार सरपंच की कमान युवाओं के हाथों में सौंपी है। आधी से अधिक ग्राम पंचायतों में युवा सरपंच के निर्वाचन को क्षेत्र की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इनमे से अधिक युवा चेहरे पहली बार ग्राम पंचायत का सरपंच चुने गए हैं और कई ऐसे चेहरे भी हंै, जिनका राजनीति से कोई वास्ता भी नहीं रहा है। कई युवा तो अभी अध्ययनरत भी है। इन युवा सरपंचों के चेहरों पर जीत केे बाद अपनी अपनी ग्राम पंचायत के विकास का विजन भी साफ देखा जाने लगा है। जीत के एक दिन बाद ही कई युवा सरपंचों ने ग्राम पंचायतों का दौरा करते हुए वहां की समस्याओं की जानकारी लेकर निदान को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया है।
क्षेत्र में सबसे कम उम्र के सरपंच चुने जाने वाले निर्झरना ग्राम पंचायत से प्रद्युम्न सिंह हैं। 22 वर्ष की उम्र में ही लाखनपुर से प्रीती बैरवा, श्रीरामपुरा से विजयकुमार बैरवा, श्रीमा से दिलखुश मीना, राजौली ग्राम पंचायत से पिंकी मीना को भी सरपंच बनने का गौरव हासिल हुआ है। इसके अलावा 23 वर्ष की आयु में होदायली से नीतू देवी व बिलौणा कलां से वंदना सैनी, 24 वर्ष की आयु में श्यामपुरा से कालीदेवी, 25 वर्ष की आयु में खेड़ला ख्रुर्द में अजय महावर, 28 वर्ष की आयु में पट्टी किशोरपुरा से ऐरंतादेवी व चांदसेन से कौशल्या देवी, 29 वर्ष की आयु में कांकरिया से मुनेशीदेवी व मिर्जापुरा से सांवलीदेवी सरपंच चुनी गई है।
इसके अलावा 32 वर्ष की आयु में खटवा से रामप्रकाश माली व संवासा से ममता देवी, 35 वर्ष की आयु में झांपदा से प्रीतम सिंह व खेमावास से हेमराज मीना , 36 वर्ष की आयु मेें किशोरपुरा से हरिओम मीना व डिडवाना से विजय फुलवारिया और 38 वर्ष की उम्र में टोडाठेकला से रसालदेवी सरपंच चुने गए हैं। निर्झरना सरपंच प्रद्युम्नसिंह, किशोरपुरा सरपंच हरिओम मीना, कांकरिया सरपंच मुनेशी देवी समेत कई युवा सरपंचों ने बताया कि वे गांवों में मूलभूत सुविधाएं व सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन को देने के साथ विकास की एक नई इबरात लिखेंगे, जिससे गांवों में रोजगार से नए अवसर पैदा हो और ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन बंद हो सके। निर्झरना सरपंच ने बताया कि कोरोना काल में उनके क्षेत्र में सैकड़ों मजदूर अन्य प्रांतों से लौटने के बाद अब बेरोजगार हो गए है, उनका प्रयास रहेगा की मनरेगा योजना के माध्यम से ऐसे बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार दिया जाए।

पंचायत चुनावों में महिलाओं का रहा दबदबा
दौसा. महुवा पंचायत समिति क्षेत्र में ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच व उप सरपंच पदों पर महिलाओं का दबदबा रहा। जहां आधे से अधिक सरपंच व उप सरपंच प्रत्याशी महिलाएं निर्वाचित हुई।
ऐसे में पंचायत समिति क्षेत्र में विकास कार्यों की बागडोर अब महिलाओं के हाथ में अधिक रहेगी। जहां सरपंच पद पर 42 ग्राम पंचायतों में 23 सरपंच व उप सरपंच पद पर 24 महिला प्रत्याशी निर्वाचित हुई हैं। एक ग्राम पंचायत सायपुर पाखर पर अभी उपसरपंच का चुनाव बाकी है। पंचायत समिति क्षेत्र में निर्वाचित हुए सरपंच व उपसरपंच जनप्रतिनिधियों में से कई तो रिटायर्ड अधिकारी हैं, वहीं कई महिला जनप्रतिनिधियों के पति सरकारी सेवाओं में अच्छे पद पर कार्यरत हैं।
कई जनप्रतिनिधि केवल साक्षर हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में उनकी कितनी भागीदारी रहेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन ग्राम पंचायत मुखिया का शिक्षित होना तो अति आवश्यक है। जिससे कि अधिकारों को पहचान सके तथा ग्राम पंचायत के विकास में अपनी पूर्ण रूप से भागीदारी निभा सके। कुछ जनप्रतिनिधि युवा होने के साथ उच्च स्तर की शिक्षा भी ले चुके हैं। जिससे की पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायतों विकास को गति मिलेगी।