5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: 50 गांवों पर आसमान से बरसी आफत, तबाह हो गई फसलें, सौंफ में बड़ा नुकसान

Rajasthan Crop Loss: दौसा के लालसोट क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने 50 से अधिक गांवों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। सब्जियों, सौंफ और गेहूं की फसल तबाह होने से हजारों किसानों को लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा।

2 min read
Google source verification

दौसा

image

Rakesh Mishra

Apr 05, 2026

Dausa hailstorm news, Lalsot rain damage, Rajasthan crop loss, Rahuwas farmers loss, Ramgarh Pachwara weather, Nirjharna hailstorm impact, Rajasthan agriculture news, hailstorm vegetable damage, fennel crop loss Rajasthan, wheat crop rain damage, Dausa weather update, Rajasthan farmer crisis, rural Rajasthan news, Lalsot hailstorm villages, Rajasthan rainfall impact

ओले गिरने से फटे तरबूज। फोटो- पत्रिका

दौसा। लालसोट क्षेत्र में शनिवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा का असर लालसोट के साथ-साथ राहुवास, रामगढ़ पचवारा और निर्झरना तहसील तक देखने को मिला, जहां करीब 50 गांवों के हजारों किसानों को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

यह वीडियो भी देखें

खेतों में ओले जमे हुए मिले

शनिवार शाम को शुरू हुई ओलावृष्टि का असर रातभर बना रहा। कई गांवों में देर रात फिर से बारिश और ओलों का दौर शुरू हो गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 12 घंटे बाद भी राहुवास तहसील के चक चांदपुर, चांदपुर, मोलाई, नयावास, पालुंदा, रामपुरा कलां और भावता सहित कई गांवों के खेतों में ओले जमे हुए मिले। रविवार सुबह जब किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो वहां ओलों की परत और चारों ओर फसलों की बर्बादी के निशान दिखाई दिए।

सब्जियों को सबसे ज्यादा नुकसान

ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान सब्जियों की बाड़ियों को हुआ है। तरबूज और खरबूजे की बेलें टूट गईं और फल फटकर नष्ट हो गए, जिससे पूरी फसल चौपट हो गई। इसके साथ ही मिर्च और टमाटर की फसल भी पूरी तरह खराब हो गई। भावता निवासी किसान मीठालाल मीना सहित कई किसानों ने बताया कि उनकी बाड़ियों में पहली फसल आ चुकी थी, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

इसके अलावा सौंफ की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार अधिकांश खेतों में सौंफ की फसल पककर तैयार खड़ी थी, लेकिन बारिश और ओलों के कारण 50 से 70 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई। वहीं कई गांवों में गेहूं की फसल भी भीग गई, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आंकलन के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। लालसोट और रामगढ़ पचवारा उपखंड क्षेत्रों में राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिनभर सर्वे में जुटे रहे।

हो रहा नुकसान का आंकलन

राहुवास तहसीलदार महेश शर्मा ने बताया कि सभी पटवारी और गिरदावर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं और वे स्वयं भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहुवास क्षेत्र में तरबूज, खरबूजा और सब्जियों की बाड़ियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। सर्वे रिपोर्ट सोमवार सुबह तक तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

वहीं क्षेत्रीय विधायक रामबिलास मीना ने भी प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार से हर संभव मदद दिलाई जाएगी। विधायक ने बताया कि करीब 50 गांवों में भारी नुकसान हुआ है और इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलकर स्थिति की जानकारी देंगे, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।