
हेरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर
सिकंदरा के कार्यक्रम में जयपुर नगर निगम हैरिटेज की मेयर मुनेश गुर्जर के भाषण पर गहरा विवाद हो गया। आपको बता दे की मेयर गुर्जर ने अपनी बात को चालू करते हुए, पिछले आंदोलनों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा की गुर्जर समाज के लोग पहले आंदोलन में शहीद भी हुए लेकिन समाज की मांगों को अमलीजामा पहनाने का काम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया। उन्होंने समाज के लिए कुछ भी नहीं किया, लेकिन अशोक गहलोत ने हमें 5 प्रतिशत आरक्षण भी दे दिया। और आज हमारे बच्चे कई बड़े पद पर RAS, डॉक्टर-इंजिनियर बन रहे हैं वो केवल अशोक गहलोत की देन है। मेयर द्वारा ऐसा कहने पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार हंगामा कर दिया। इससे वह मेयर का भाषण आधा ही रह गया और व भाषण नहीं दे सकी। यही नहीं एक जने ने मंच के सामने आकर मेयर को सीएम गहलोत के पक्ष में भाषण देने पर नाराज़गी जाहिर की, वहीं मंच पर मौजूद लोगों ने भी मेयर को भाषण देने से रोका। इस दौरान वहां जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान बांदीकुई विधायक कांग्रेस के जीआर खटाना ने माइक संभालकर लोगों से शांति की अपील कि, वहीं देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष जोगिंदर अवाना के सामने भी युवाओं ने कांग्रेस के पूर्ब डिप्टी CM सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाए। इस पर पुलिस ने भी घेराबंदी कर अवाना को रवाना किया।
पुष्पांजलि अर्पित की
कार्यक्रम में पहुंचकर सांसद जसकोर मीणा, हरियाणा पूर्व मंत्री करतार सिंह भड़ाना, बांदीकुई विधायक जीआर खटाना, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला, युवा गुर्जर महासभा अध्यक्ष शिवपाल गुर्जर, मेरठ विधायक अतुल प्रधान, अमित मावई, भूरा भगत ने पुष्पांजलि अर्पित की। इन समेत 13 और राज्यों से भी गुर्जर समाज के लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर पुष्पांजलि दी।
पुलिस प्रशासन अलर्ट
इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने काफी संख्या में पुलिस बल को अलर्ट किया। जयपुर-आगरा हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से रखने के लिए अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया है। वहीं इंटेलिजेंस के अधिकारियो को भी अलर्ट किया।
पहली बार लग रहा गुर्जर मेला
गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर अलग-अलग आंदोलनों के दौरान पुलिस फायरिंग में गुर्जर समाज के 76 से ज्यादा लोग शहीद हो गए थे। उसके बाद से ही उनकी याद में हर वर्ष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है। सिकंदरा-बासड़ा में बने स्मारक पर शहीदों की मूर्तियां लगने के बाद पहली बार मेले का आयोजन किया जा रहा है।
सिकंदरा में हुई थी 22 लोगों की मौत
2007 व 2008 में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों की भिड़ंत में सिकंदरा में 22 लोगों की पुलिस की गोली लगने से मौत हुई थी। जिसके चलते हर वर्ष सिकंदरा में 24 मई और पाटोली-पीपलखेड़ा में 29 मई को श्रद्धांजलि का आयोजन किया जाता है।
Published on:
24 May 2023 05:51 pm
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