
Rajasthan High Court (Patrika Photo)
लालसोट। नालावास गांव में 178 बीघा चरागाह भूमि पर लगातार अतिक्रमण के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगर अतिक्रमियों ने भूमि पर फसल बोई है, तो उसे तुरंत कुर्क किया जाए।
साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव, दौसा जिला कलक्टर, लालसोट उपखंड अधिकारी और निर्झरना तहसीलदार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश भी दिया गया।
जनहित याचिका के पक्षकार और एडवोकेट सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण स्थानीय प्रशासन वर्षों से चुप रहा है, जबकि अतिक्रमियों को कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। यह भूमि न केवल लाखों रुपए की फसल देती है, बल्कि स्थानीय गोवंश और अन्य पशुओं के चारे के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पंचायत की प्लांटेशन योजना अब तक सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश से अब इस भूमि की सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। अगले सुनवाई की तारीख फरवरी में निर्धारित है।
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Published on:
18 Jan 2026 12:23 pm
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