
बांदीकुई. पुलिसकर्मियों के रिक्त पद एवं संसाधनों की कमी थाना पुलिस के लिए परेशानी बनी हुई है। यहां स्वीकृत 11 में से मात्र 2 सहायक पुलिस उप निरीक्षक (एएसआई) कार्यरत हैं, जबकि पांच कांस्टेबलों के पद रिक्त हैं। थाने में मात्र 2 महिला कास्टेबल कार्यरत हैं, जो कि क्षेत्र की आबादी को देखते हुए कम हैं।
इस थाने के अधीन करीब 90 गांव जुड़े हुए हैं। पुलिसकर्मियों के पद रिक्त होने से अन्य पुलिसकर्मियों पर काम का बोझ अधिक पड़ रहा है। इससे जांच से जुड़ा कार्य बाधित होने के साथ ही अपराधों पर अंकुश पाना मुश्किल हो रहा है। थाना क्षेत्र चारों दिशाओं में 40 किमी दूरी तक है। इसमें गश्त करने सहित घटना स्थल पर जाना मुश्किल हो रहा है।
बैजूपाड़ा में थाना हो स्वीकृत
बांदीकुई से मण्डावर जाने वाले मार्ग पर स्थित बैजूपाडा क्षेत्र ऐसा है, जहां कहीं भी पुलिस चौकी व थाना नहीं है। इससे अपराधी गांवों के वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजर जाते हैं। ऐसे में इस मार्ग पर थाना स्वीकृत हो जाए तो कुछ हद तक अपराधों पर रोकथाम लग सकती है। हालांकि थाना पुलिस की ओर से बैजूपाडा में थाना खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भी मंजूरी के लिए भेजा हुआ है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
माह में मात्र 150 लीटर डीजल
बांदीकुई थाने में एक जीप व दो बाइक हैं, जो कि क्षेत्र के हिसाब से कम हैं। पुलिस की ओर से जीप के लिए एक माह में मात्र 150 लीटर डीजल मिलता है। बाइकों के लिए 25-25 लीटर पेट्रोल स्वीकृत हैं। ऐसे में विशेष काम आने पर ही बाइकों को काम में लिया जाता है। क्षेत्र के हिसाब से पांच बाइक व दो जीप की जरूरत है। (नि.सं.)
बैजूपाड़ा में थाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ है। स्वीकृत करना सरकार का काम है। अपराध के बढ़ते ग्राफ व क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए एक जीप कम है। वाहनों की जरूरत है, लेकिन यह मामला सरकार का है। वाहन में डीजल की कमी पडऩे पर जिला अधिकारी से स्वीकृति लेेकर भरवा लिया जाता है।
निरंजनपाल सिंह थाना प्रभारी थाना बांदीकुई
Published on:
22 Feb 2018 08:44 am
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