दौसा. इस बार दो माह के सावन के पांचवें सोमवार को जिला मुख्यालय पर देवगिरी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में वार्षिक मेला आयोजित हुआ। तडक़े से लेकर देर रात तक लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर ढोक लगाई। नीलकंठ बाबा का फूलों से सजा आकर्षक दरबार देखकर हर कोई मोहित हो उठा। पहाड़ी के सौन्दर्य के साथ लोगों ने भक्ति रस का भी आनंद लिया गया। सुबह व शाम के समय शहर के लोग परिवार सहित मंदिर पहुंचे तो दोपहर में ग्रामीण इलाकों से लोग आए। नीलकंठ बाबा का दरबार सजा होने के कारण लोगों ने परिसर में ही स्थित भूतनाथ महादेव के जलाभिषेक कर पूजन किया। मंदिर की सजावट व रोशनी ने भी श्रद्धालुओं को मोहित किया। पहाड़ी के रैम्प पर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही और जयकारे लगाते हुए 365 फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर में भक्त पहुंचे।
वहीं देवगिरी के नीचे भी प्रसाद सहित अन्य सामग्री की दुकानें सजी, जहां लोगों ने खरीदारी की। दिनभर पहाड़ी भोलेबाबा के जयकारों से गुंजायमान रही। पुराने शहर के सभी मार्गों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पहाड़ी से लेकर रास्तों तक पुलिस ने भी सुरक्षा बंदोबस्त किए। मंदिर कमेटी सदस्यों ने कतारबद्ध कराकर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित किया। वहीं पुलिस प्रशासन की भी माकूल व्यवस्था रही।
सेवा की मची होड़
आगरा रोड व लालसोट से देवगिरी की ओर जाने वाले मार्गों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। कई जगह तो पुलिस ने वाहनों के प्रवेश पर रोक भी लगाई। रास्ते से लेकर पहाड़ी तक दर्जनों जगह श्रद्धालुओं ने मेले में जा रहे लोगों को खीर, ठंडाई, शर्बत, पानी सहित अन्य पेय पदार्थ व फल वितरित किए।
मंदिरों में गूंजे जयकारे, कावड़ यात्राओं की धूम
सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए दिनभर जिले के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के गुप्तनाथ महादेव, बैजनाथ, सहजनाथ व सोमनाथ महादेव मंदिरों सहित अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने बिल्वपत्र चढ़ाकर विशेष पूजन किया। महिलाओं ने हरियाली वाले स्थानों पर जाकर वन सोमवार मनाया। वहीं कावड़ यात्राओं की भी शहर में धूम मची रही। कॉलोनियों के मंदिरों में लोग आसपास से कावड़ लेकर पहुंचे तथा जलाभिषेक किया।
सुबह 7 से लेकर दोपहर 12 बजे तक शहर की सडक़ों पर कावड़ यात्राओं में बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। गुलाल उड़ाकर युवाओं ने भजनों पर नृत्य किया। राजा कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने गेटोलाव से लाकर जलाभिषेक किया। इसी तरह झाझीरामपुरा से बरकत स्टेच्यू स्थित शिव मंदिर में भी श्रद्धालु नाचते-गाते कावड़ लेकर पहुंचे।